चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल में पेयजल की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। पेयजल किल्लत नगरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हालांकि पेयजल स्रोत से पर्याप्त पानी मुख्य स्टोरेज टैंक तक पहुंच रहा है। सही वितरण न होने के कारण नगरवासी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
मुख्य टैंक से दूसरे आपूर्ति टैंकों के लिए पानी छोड़ा जाता है। लेकिन टैंकों के कंट्रोलर व्हिलों में लीकेज के कारण पानी का भंडारण नहीं हो रहा है। जलशक्ति विभाग के कर्मचारी मुख्य कंट्रोलर खोल देते हैं। जगह-जगह लीकेज से पानी बर्बाद हो जाता है। इससे नगरवासियों के घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा है। आलम यह है कि अधिकतर कनेक्शन प्लास्टिक पाइपलाइन से दिए गए हैं। मकान मालिकों की टंकियों में बॉल न लगे होने के कारण कई स्थानों पर पानी की टंकियां ओवरफ्लो होती हैं। अधिकांश नगरवासी अपनी गाड़ियों में पानी ढो रहे हैं।
पानी की किल्लत के चलते प्रवासी मजदूर और किराएदार जंगल में खुले में शौच कर रहे हैं। तीसरे दिन दो सौ लीटर पानी मकान मालिक को मिल पा रहा है। इससे हजारों रुपये किराया देने वाले किरायेदार निजी वाहनों में पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। अधिकतर कर्मचारी खाना भी होटलों से ही पैक करवा रहे हैं। जलशक्ति विभाग मामले को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। पेयजल समस्या का मामला नगरवासियों ने प्रशासन गांव कि ओर कार्यक्रम में एडीसी किरन भडाना के समक्ष भी उठाया था।
उन्होंने एक सप्ताह में पेयजल समस्या हल करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद समस्या ज्यो की त्यों है।
नगरवासी राज भूषण, सूरत सिंह, मोती सिंह, देवेंद्र, अनिल शर्मा, मोहन लाल, भागमल नेगी, प्रेमलता, मोनिका, कृष्णा देवी, पुष्पा देवी ने सरकार से आग्रह किया है कि पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के लिए जलशक्ति विभाग को उचित निर्देश जारी करें। नगरवासी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता आनंद ब्लोरिया ने कहा कि पेयजल आपूर्ति तीसरे दिन की जा रही है। फिर भी पूरा पानी न मिलने केे बारे में जांच की जाएगी।