चूरट से घटी सप्लाई, कई
इलाकों में चौथे दिन पानी
भट्ठाकुफर और नेरीधार क्षेत्र में दिक्कत
पेयजल परियोजना का जलस्तर 50 फीसदी तक घटा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कोटी बरांडी पेयजल परियोजना के बाद अब चूरट योजना से भी शहर के लिए पानी की सप्लाई घट गई है। बारिश न होने से साढ़े 3 एमएलडी की क्षमता वाली इस परियोजना से अब शहर को डेढ़ से दो एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। योजना में 50 फीसदी तक पानी घट चुका है।
शनिवार को भी चूरट से शिमला शहर को 1.85 एमएलडी पानी ही मिला। चूरट योजना के तहत शहर के टनल क्षेत्र, भट्ठाकुफर, नेरीधार, गाहन और साथ लगते क्षेत्रों में पानी की सप्लाई होती है। इन इलाकों में आजकल चौथे और पांचवें दिन पानी दिया जा रहा है। नियमित पानी न आने से लोग परेशान हैं। स्कूल खुलने के कारण पानी की खपत बढ़ी है। अभी गुम्मा या दूसरी परियोजना का पानी देने की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
स्थानीय पार्षद रीता ठाकुर ने कहा कि बीते एक हफ्ते से पानी का शेड्यूल पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। पहले तीसरे दिन पानी मिल रहा था। अब चौथे और पांचवें दिन पानी आ रहा है। कंपनी ने इस क्षेत्र के लिए पाइप लाइन बिछाई है। लेकिन उसे गुम्मा परियोजना से नहीं जोड़ा है। कहा कि कंपनी तुरंत पेयजल सप्लाई सुचारु करने के लिए व्यवस्था करें। इस क्षेत्र में कोई बावड़ी या नाला नहीं है जिससे लोग पीने के लिए पानी भर सकें।
सप्लाई घटने से बिगड़ा शेड्यूल : अभियंता
पेयजल कंपनी के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि चूरट से पानी की सप्लाई 50 फीसदी तक घट गई है। ऐसे में सप्लाई का शेड्यूल बिगड़ा है। इलाके में पानी देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।