पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद अब दारचा-सरचू-लेह की तरफ आवाजाही के लिए समय निर्धारित किया गया है। मौसम की स्थिति के देखते हुए फिलहाल दारचा से सरचू की तरफ सिर्फ पांच घंटे ही वाहनों की आवाजाही हो सकेगी।
नवंबर महीने के अंतिम सप्ताह में पहाड़ों पर पानी जम रहा है। ऐसे में मनाली-लेह मार्ग में विशेषकर दारचा से हिमाचल प्रदेश के बार्डर सरचू के बीच वाहन चलाना आसान नहीं होता है। पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद अब दारचा-सरचू-लेह की तरफ आवाजाही के लिए समय निर्धारित किया गया है। मौसम की स्थिति के देखते हुए फिलहाल दारचा से सरचू की तरफ सिर्फ पांच घंटे ही वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। सुबह 8:00 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे के बीच ही दारचा से सरचू की तरफ वाहन जा सकेंगे। वहीं सरचू से दारचा की ओर आने वाले वाहनों के लिए भी यही समय रहेगा।
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निर्धारित समय के बीच ही दोनों तरफ से वाहन छोड़े जाएंगे। पर्यटकों के साथ किसी तरह हादसा पेश न आए, सरचू की तरफ सफर करने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बीआरओ की अनुशंसा के बाद यह शेड्यूल बनाया है। दारचा-शिंकुला सड़क में फिलहाल वाहनों की आवाजाही बंद है। कोकसर से लोसर वाया कुंजुम दर्रा होकर भी वाहनों की आवाजाही बंद है। कोकसर से मनाली-रोहतांग दर्रा होकर केवल फोर बाई फोर वाहनों को ही भेजा जा रहा है। इसके लिए भी सुबह 8:00 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे का समय रखा गया है।
कुगती पास बंद
इस संबंध में उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि बीआरओ और पुलिस की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर यह समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने लाहौल-स्पीति में आने वाले पर्यटकों से अपील करते हुए कहा है कि वे मौसम को स्थिति को ध्यान में रखते ही यात्रा करें। किसी भी आपात्त स्थिति के लिए जिला आपदा प्रबंधन से संपर्क करें। वहीं पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी का कहना है कि पुलिस के द्वारा समय-समय पर पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है। वहीं जनजातीय क्षेत्र लाहौल और चंबा को जोड़ने वाला कुगती पास बीते शनिवार को हुए हिमपात के बाद बंद हो गया है। अब अगले सीजन में ही जून माह में श्रद्धालु और ट्रैकर आवाजाही कर सकेंगे।