हिमाचल प्रदेश में एक संसदीय सीट और तीन विधानसभा सीटों के लिए आठ जिलों के 20 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में 66.91 फीसदी मतदान हुआ। मतदाताओं ने देर शाम तक वोट डाले। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र सराज में सबसे ज्यादा 70.34 फीसदी लोगों ने वोट डाले।
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को एक संसदीय सीट और तीन विधानसभा सीटों के लिए आठ जिलों के 20 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में 66.91 फीसदी मतदान हुआ। मतदाताओं ने देर शाम तक वोट डाले। मंडी संसदीय क्षेत्र में सबसे कम 57.73 फीसदी लोगों ने मतदान किया। हालांकि इसी सीट के अंतर्गत आते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र सराज में सबसे ज्यादा 70.34 फीसदी लोगों ने वोट डाले। उधर, जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा 78.69 फीसदी लोगों ने वोट दिए। अर्की विधानसभा में 64.97 और फतेहपुर विधानसभा में 66.20 फीसदी मतदान हुआ। सभी जगह 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव से काफी कम संख्या में मतदाता घरों से बाहर निकले।
दुनिया के सबसे ऊंचे पोलिंग बूथ टशीगंग में 100 फीसदी मतदान हुआ। 2019 के मंडी लोकसभा क्षेत्र के चुनाव के दौरान लोगों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। उस दौरान पूरे क्षेत्र में 73.04 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी जुब्बल कोटखाई में 81.9 फीसदी, अर्की में 76.02 और फतेहपुर में 73.5 फीसदी मतदान हुआ था। मतदान के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब सियासी पंडितों ने क्षेत्रवार हुए मतदान के आधार पर परिणामों का आकलन शुरू कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासु ने बताया कि उप निर्वाचन के लिए डाले गए मतों की गिनती 2 नवंबर को पहले से निर्धारित मतगणना केंद्रों पर की जाएगी।
संसदीय क्षेत्र में सीएम का विधानसभा क्षेत्र रहा अव्वल
मंडी लोकसभा क्षेत्र में हुए मतदान में सीएम का विधानसभा क्षेत्र सराज अव्वल रहा। सबसे ज्यादा वोटिंग मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र सराज में हुई, जहां 70.34 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। नाचन में 63.97, बल्ह में 60.58, रामपुर और द्रंग में 59.59-59.59, आनी में 59.18 और सुंदरनगर में 59.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, सरकाघाट में सबसे कम 46.72 फीसदी मतदान हुआ।