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सोलन: छावनी क्षेत्र से सिविल क्षेत्र को अलग करने के लिए रक्षा मंत्री से जल्द मिलेंगे वीरेंद्र कश्यप

Thu, 10 Feb 2022 01:37 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मपुर (सोलन)

सार

प्रो. वीरेंद्र कश्यप ने बताया कि वह प्रदेश छावनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर प्रदेश के छावनी क्षेत्रों की स्थिति से अवगत करवाएंगे। यह अच्छी बात है कि रक्षा मंत्रालय के ताजा आदेशों के बाद देश के 62 छावनी क्षेत्र के करोड़ों बाशिंदों के लिए राहत मिली है। 
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भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कश्यप(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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छावनी क्षेत्र से सिविल एरिया को अलग करने के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कश्यप जल्द रक्षा मंत्री से मिलेंगे। प्रदेश छावनी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार सिंगला से बातचीत में उन्होंने यह बात कही।  उन्होंने कहा कि पूरा देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन देश के करोड़ों लोग अभी भी ब्रिटिश हुकूमत के काले कानून के तहत रहने पर मजबूर हैं। प्रो. वीरेंद्र कश्यप ने बताया कि वह प्रदेश छावनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर प्रदेश के छावनी क्षेत्रों की स्थिति से अवगत करवाएंगे।

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यह अच्छी बात है कि रक्षा मंत्रालय के ताजा आदेशों के बाद देश के 62 छावनी क्षेत्र के करोड़ों बाशिंदों के लिए राहत मिली है। देश की सभी छावनियों से सिविल क्षेत्र को बाहर निकालने की प्रक्रिया चल रही है। इस बाबत 16 नवंबर, 2021 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। बैठक में छावनी एरिया से सिविल क्षेत्र को बाहर करने का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। देश की सभी छावनी क्षेत्र को अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश छावनी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंगला ने बताया कि 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में तत्कालीन रक्षा मंत्री चौ. बंसीलाल ने सिविल एरिया को बाहर करवाया था। हालांकि, अब मोदी सरकार में एकाएक करके देश में पुराने कानून को निरस्त किया जा रहा है। इनमें एक कानून छावनियों का भी है। 

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