कुछ दिन पहले प्रदेश प्रभारी सुशील शिंदे को बदलकर रजनी पाटिल को हिमाचल का नया प्रभार दिया गया है। प्रदेश के नए सह प्रभारी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते गुरकीरत सिंह कोहली नियुक्त किए गए हैं। हाईकमान ने यह बदलाव विस चुनाव में कांग्रेस की हार और लोकसभा चुनाव सामने होने पर किया है।
तवा गर्म है और वीरभद्र इस पर चोट करते हुए सुक्खू को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने को दबाव बना रहे हैं। सूत्रों की मानें तो वीरभद्र नहीं चाहते कि चारों लोस सीटों पर उनके पसंदीदा उम्मीदवारों का कोई विरोध करे।
सूत्र बताते हैं कि सुक्खू करीब तीन महीने पहले खुद प्रदेशाध्यक्ष पद छोड़ने और नई जिम्मेवारी लेने की हाईकमान के समक्ष पेशकश कर चुके हैं, लेकिन राहुल ने उन्हें नहीं हटाया। इसी तरह का दबाव वीरभद्र विस चुनाव से पहले भी बना चुके थे।
तब भी राहुल ने सुक्खू को नहीं हटाया था। कांग्रेस के प्रचार की कमान बेशक वीरभद्र के हाथ में रही, मगर वह सुक्खू पर हार का ठीकरा फोड़ते रहे। दरअसल, सुक्खू पसंदीदा नेताओं को टिकट झटकने में कामयाब हो गए थे। जिन लोगों को वीरभद्र ने टिकट दिलाए, उनमें बहुत से नेता चुनाव हार गए।