पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में 17 पीएचसी, प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करने के सरकार के फैसले को जनविरोधी करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। बोले कि सरकार के निर्णय से साफ है कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों की विकास विरोधी है और उसे ग्रामीण लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई चिंता नहीं है। वीरभद्र ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में बगैर किसी भेदभाव के विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों को खोला है।