मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा खुशवंत सिंह की लेखनी के वे भी कायल रहे हैं। 1980-90 के दौर में उन्होंने बेबाक लेखक की कई कालजायी पुस्तकें पढ़ीं। इनमें द वॉयस ऑफ गॉड एंड अदर्स, द सिक्ख ट्रैजेडी, द कंपनी ऑफ वुमन आदि शामिल हैं। एक आध बार मिलने का सौभाग्य मिला। भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों के साथ उनके अच्छे संबंध थे।
उन्होंने दोनों मुल्कों में साहित्यिक मंच से मधुर रिश्ते बनाने की ताउम्र कोशिश की। सीएम शुक्रवार को कसौली में सिनेजगत, साहित्यिक, राजनीतिक सितारों के बीच खुशवंत सिंह के पांचवें साहित्यिक सम्मेलन के शुभारंभ पर बोल रहे थे। कहा कि भविष्य में सरकार खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के आयोजन में अधिक सहभागिता देगी। उन्होंने भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से लिटफेस्ट को पांच लाख रुपये सहायता की घोषणा भी की।
लिटफेस्ट के शुभारंभ पर उड़ी में आतंकी हमले में शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। मंच पर खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह, जेएंडके के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल और दून के विधायक राम कुमार चौधरी मौजूद रहे।
राहुल सिंह बोले, खुशवंत सिंह बास्टर्ड ऑफ इंडिया
मेरे पिता ने कभी धर्म, जातपात, उम्र के बंधनों को नहीं माना। वे बंधनों को तोड़ने के नाम से मशहूर थे। कुछ सिखों ने उनके संता-बंता के जोक्स पर खूब आपत्ति जताई। पत्र लिखा और हिदायत दी कि संता-बंता के जोक्स बंद करें। जवाब सरदार जी ने तीन शब्दों का भेजा। वह था गो टू हेल। इंग्लैंड के एक प्रशंसक को खुशवंत सिंह से काफी टीस थी। उसने खुशवंत सिंह द बास्टर्ड ऑफ इंडिया के नाम से पत्र भेज दिया।
हमारे डाक विभाग की मेहरबानी देखिए, वह डिलीवर हो गया। उस पत्र को सरदारजी ने बड़े गुमान के साथ दोस्तों को दिखाया और फख्र जताया। कहा कि खुशवंत सिंह की लेखनी बेबाक और बिंदास है। अमर्यादित की संज्ञा देने वाले कुछ लेखकों ने शायद उनकी लेखनी को समझा ही नहीं। अपने पिता खुशवंत सिंह की तरह उनके बेटे राहुल ने कुछ इस अंदाज से कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे सेटिंग द टोन नाम दिया गया।
नौ किमी खुशवंत सिंह ट्रेल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को ओल्ड कसौली कालका रोड को खुशवंत सिंह के नाम किया। पहले दल को सीएम ने कालका के लिए रवाना किया। इस मार्ग का खास महत्व इसलिए है कि खुशवंत सिंह अकसर पैदल मार्ग से कालका जाया करते थे।
सोलन ए मोजेक ऑफ एक्सिपिरियएंसिस का विमोचन
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में मीनाक्षी चौधरी की ओर से संपादित पुस्तक सोलन ए मोजेक ऑफ एक्सिपिरियएंसिस का भी विमोचन किया। सोलन जिले के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य कि झलक प्रस्तुत करने वाली इस किताब में सोलन जिले से संबंधित कई अनछुए पहलुओं की रोचक जानकारी भी है।