सीएम वीरभद्र सिंह के मनी लॉड्रिंग मामले में हिरासत में चल रहे एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली है। यह अंतरिम जमानत उन्हें भांजी की शादी के लिए दी गई है। मामले में आनंद चौहान पिछले वर्ष 9 जुलाई से हिरासत में हैं।
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष कोर्ट में शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद जमानत को मंजूरी दी गई। आनंद चौहान के वकीलों ने पिछले सप्ताह पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी।
शुक्रवार को कोर्ट में जमानत को लेकर याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट में आनंद के वकीलों ने दलील दी कि उनकी भांजी की शादी है और इसके लिए उन्हें जमानत दी जाए। हिंदू धर्म के मुताबिक भांजी के शादी समारोह में मामा का होना जरूरी होता है।
उधर, इस मामले में पहले हुई सुनवाई के दौरान पाया गया कि एक एलआईसी एजेंट के तौर पर चौहान ने आय से अधिक संपत्ति को एलआईसी की पॉलिसीज में निवेश करके उन्हें सफेद करने का तरीका अपनाया था।
सीबीआई ने भी इस पर एक मामला दर्ज किया है और 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह तथा अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। वीरभद्र और अन्य आरोपियों ने सीबीआई और ईडी के आरोपों से इनकार किया है।