विरोधी धडे़ के कई नेता भी उनके यहां बधाई देने पहुंचे। इनमें लंबे समय से वीरभद्र के निशाने पर चल रहे सुक्खू भी उनके घर पहुंचे तो इसकी खूब चर्चा रही। मीडिया के पूछने पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि सुक्खू के नेतृत्व में पार्टी का ग्राफ निरंतर गिरा है।
सुक्खू को हटाने की वह पहले भी आलाकमान से मांग करते आए हैं और आगे भी करेंगे। कांग्रेस को इस तरह के लोगों को आगे लाने की जरूरत है, जिनका पार्टी में अच्छा आधार रहा हो। वीरभद्र ने कहा कि संगठन में नए लोगों के आने से नए विचार आते हैं और नया जोश भी आता है।
सुक्खू ने वीरभद्र सिंह को गुलाब के फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। वीरभद्र ने मुस्कराते हुए उनकी बधाई स्वीकार की। सुक्खू ने कहा कि उन्हें वीरभद्र सिंह की ओर से निमंत्रण मिला था। चूंकि वीरभद्र प्रदेश कांग्रेस के बडे़ नेता हैं, इसलिए उनके जन्मदिन पर जाकर उन्होंने बधाई दी।
कांग्रेस के किसी भी बडे़ नेता को जन्मदिन की बधाइयां देना उनका पार्टी अध्यक्ष होने के नाते कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि ऐसा हमारे संस्कारों में भी है।
वीरभद्र सिंह ने सीएम जयराम ठाकुर पर भी पलटवार करते हुए कहा - शेर कभी बूढ़ा नहीं होता। हमारे अनुभव पर सवाल उठा रहे सीएम जयराम ठाकुर को याद रखना चाहिए कि हिमाचल का जो विकास हुआ है, वह कांग्रेस की ही देन है। मीडिया के लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा - मैं लोकसभा चुनाव लडू़ंगा नहीं बल्कि लड़वाऊंगा।
वीरभद्र को शुभ-शुभ बोलना चाहिए, इसमें नहीं लगता जीएसटी- सुक्खू बोले - मैं वीरभद्र सिंह को शुभकामनाएं देने उनके निवास स्थान पर गया था। वह पार्टी के बुजुर्ग नेता हैं। जन्मदिन वाले दिन शुभ-शुभ बोलना चाहिए। इसमें जीएसटी नहीं लगता।
उन्होंने पहली बार मुझे निमंत्रण दिया था। यह हमारी संस्कृति है कि जब कोई निमंत्रण देता है, उसका आदर किया जाना चाहिए। जन्मदिन पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह समय राजनीति करने का नहीं है।