मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल हिटलर से भी बड़े तानाशाह हैं। सत्ता में आने पर थानेदार बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार धूमल दो बार मुख्यमंत्री बने और दोनों ही बार झूठे केस बनाए गए।
न्यायालय ने दोनों बार बरी किया। सरकाघाट में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने पंजाब से हिमाचल को अलग करने का विरोध किया था। कांग्रेस के प्रयासों से आज हिमाचल अस्तित्व में आया है।
अभी प्रदेश में उनकी सरकार के चार वर्ष शेष हैं लेकिन धूमल बौखलाहट में लोकसभा चुनाव के बाद सरकार गिराने की बात करते हैं। सत्ता में रहते हुए धूमल ने कभी भी विधानसभा के अंदर और बाहर विपक्ष के साथ शालीनता का व्यवहार नहीं किया।
वे मुझे अपने रास्ते का रोड़ा मानते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता मेरे साथ है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि एचपीसीए के कार्यकलाप से फ्राड की बू आती है।
धूमल सरकार के समय 250 करोड़ की जमीन कौडि़यों के भाव एचपीसीए को दी गई।
इस मौके पर पूर्व मंत्री रंगीला राम राव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, महासचिव पवन ठाकुर, ईसी सदस्य चंद्रशेखर, जय कुमार आजाद, योगराज, अखिल गुप्ता, अनिल शर्मा, रितेश ठाकुर, महिला कांग्रेस अध्यक्षा उषा शर्मा, सुभाष शर्मा, विपिन कुमार और सुनील मौजूद रहे।