इस तरह से मंडी हॉट सीट भाजपा की प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गई है। उधर, चुनावों से ऐन पहले सुखराम के पोते आश्रय के साथ कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद इस सीट पर कांग्रेस की स्थिति वीरभद्र सिंह के रुख पर भी निर्भर करेगी। देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस मंडी सीट के चुनावी समर में भितरघात कैसे पार पाती है। इसी कसौटी से भाजपा को भी गुजरना होगा, क्योंकि रामस्वरूप शर्मा को टिकट मिलने से पार्टी के बड़े चेहरों के समर्थक खासे नाराज हैं।