फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमरनाथ यात्रा: पत्थरों से तोड़ीं गाड़ियां, कहा- दोबारा आए तो काट देंगे

Wed, 13 Jul 2016 08:36 AM IST
एसडी शर्मा/अमर उजाला, मैहतपुर (ऊना)
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
अमरनाथ में भंडारा लगाने गए ऊना के मैहतपुर क्षेत्र के शिवभक्त इस साल बिना भंडारा लगाए लौट आए। रविवार को मैहतपुर पहुंचे करीब दो दर्जन युवकों ने अमर उजाला से बताया कि 9 जुलाई को वे चार गाड़ियों में सामान लेकर अनंतनाग जिले में रात को 9 बजे दाखिल हुए। सामने से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कश्मीरी युवकों ने उन पर हमला बोल दिया।
विज्ञापन


वे कह रहे थे कि फिर अमरनाथ आए तो काट देंगे। कुछ युवकों ने उन्हें पीटा और पत्थरों से गाड़ियां तोड़ दीं। हमले में विनोद कुमार पुत्र नारायण दास भारद्वाज निवासी चढ़तगढ़ जख्मी हो गया। गाड़ियां छोड़कर वे जंगल में भागे। जंगल में ही रात बिताई। वे यही दुआ कर रहे थे कि बारिश शुरू हो जाए, ताकि उपद्रवी चले जाएं।

सड़कों पर केवल उपद्रवियों का तांडव

श्रीनगर में ह‌िंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो
शिव बर्फानी सेवा मंडल रजि. दिल्ली के तहत भंडारा लगाने वाले शिवभक्तों ने बताया कि वे हर साल अनंतनाग जिला के मनीगांव में भंडारा लगाते हैं। इस दफा जयपुर वालों को भंडारे का सामान देकर लौटना पड़ा। हालात इतने खराब हैं कि करीब 40 किमी तक सड़क पर गाड़ियों के शीशे टूटे पड़े हैं। पेड़ काटकर मार्ग अवरुद्ध किया गया है।

बाजार बंद थे, कोई मदद को नहीं आया, सड़कों पर केवल उपद्रवियों का ही तांडव था। विनोद कुमार, दिनेश ऐरी, नवीन, सतपाल, संजू सहोड़, दलजीत सिंह, लक्की सहोड़, रमन, राजीव, राजकुमार, शिवकुमार, पंकज सोनी, रवि कुमार, अनिल कुमार, कार्तिक और रोहित आदि ने कहा कि बसों में गई महिलाओं से बदसलूकी की गई। युवकों को पीटा गया।
विज्ञापन

सात जगह लगाए भंडारे किए तहस-नहस

kashmir protest - फोटो : फाइल फोटो
शिव बर्फानी सेवा मंडल के प्रधान पप्पू शर्मा ने बताया कि उपद्रवियों ने मंगलवार को सात जगह भंडारों को तहस-नहस कर दिया। सारा सामान जलाकर राख कर दिया है। वे साथी सेवादारों के साथ सुरक्षा बलों की पनाह में हैं।

आतंकवादियों के हमले में बाल-बाल बचा चालक- ऊना के बरसाला गांव के ट्रक चालक रमेश चंद भी श्रीनगर से सुरक्षित घर लौट आए हैं। बताया कि वह आर्मी का सामान लेकर चंडीगढ़ से श्रीनगर 4 जुलाई को गए। रास्ते में आतंकवादियों ने घेर लिया और फायरिंग कर दी।

गाड़ी के शीशे टूट गए। गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी। किसी तरह जान बचाते हुए वहां से निकले ही थे कि नकाबपोश हमलावरों ने पकड़ लिया। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए ट्रक में लोड सामान श्रीनगर स्थित आर्मी कार्यालय में पहुंचाया। इसके बाद किसी तरह अपने घर पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें