पांवटा दुर्ग कॉलोनी के विनय अग्रवाल को डेढ़ साल से गेट-2014 की स्कॉलरशिप नहीं मिली है। यह आरोप उनकी माता अनीता अग्रवाल ने लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि विनय अग्रवाल चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में एमटेक (मेकेनिकल) के दूसरे वर्ष में अध्ययनरत हैं। विनय ने गेट-2014 पास किया।
विवि में प्रवेश के दौरान कहा गया कि यह एआईसीटीई वन यूजीसी से अनुमोदित है। विवि प्रबंधन ने कहा था कि गेट पास परीक्षार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। प्रोस्पेक्टस में भी यही लिखा था। बताया कि गेट पास शिक्षार्थियों को प्रतिमाह 10500 रुपये स्कॉलरशिप दी जाती है।
पिछले बैच के परीक्षार्थियों को भी स्कॉलरशिप दी गई। मान्यता प्राप्त हर कॉलेज, विवि में परीक्षार्थियों के खाते में स्कालशिप का राशि जमा हो जाती है। विनय अग्रवाल ने कई बार चांसलर, डीन, वीसी को भी इस बारे में बताया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
आरटीआई एक्ट-2005 में भी जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों ने कहा कि अब पीएम, मानव संसाधन मंत्रालय और प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। एसडीएम पांवटा के माध्यम से इस बारे, एक लिखित पत्र जिलाधीश सिरमौर को भी भेज दिया गया है।