चंबी पंचायत के बाशिंदों के लिए सड़क सुविधा सपना बनकर रह गई है। आजादी के दशकों बाद भी पंचायत के तहत आते दर्जन भर गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। इसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। इसी का प्रत्यक्ष प्रमाण शनिवार को देखने को मिला जब पधरी गांव की 78 वर्षीय जुगनी देवी पत्नी मोहण राम को पीठ दर्द और टांगों में असहाय दर्द होने लगा। महिला की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए परिजनों ने महिला को उठाकर मेडिकल कॉलेज चंबा ले जाने का निर्णय किया।
इसके बाद परिजन बुजुर्ग को चारपाई पर उठाकर दस किलोमीटर पैदल सफर तय कर चुगार तक लेकर पहुंचे। यहां से आगे निजी वाहन के जरिये महिला को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। इस दौरान ग्रामीण शासन-प्रशासन की लचर सेवाओं को लेकर कोसते दिखे। ग्राम पंचायत चंबी के गांवों थनोटी, सालूई, कैमलाड़, रूकडाड, गलू, ककैल, डिल्ला, पधरी, धार, मुहाल, मैलोही, कुंडा और छतेल की चार हजार की आबादी को सड़क के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को खाद्य सामग्री और गृह निर्माण सामग्री पीठ पर लाद कर या खच्चरों के जरिये घरों तक पहुंचाना पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरकार से क्षेत्र को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चंबी पंचायत के उपप्रधान पवन कुमार, वार्ड सदस्य मान सिंह, विजय कुमार, धज्जो राम सहित ग्रामीणों मनोज कुमार, सावणु राम, कमल कुमार, प्रकाश चंद, कलासो राम, देवेंद्र कुमार आदि ने बताया कि वर्ष 2014 में सड़क का पूर्व सरकार के कार्यकाल में भूमि पूजन कर कार्य आरंभ करवाया गया लेकिन 600 मीटर सड़क बनाने के बाद कार्य बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सदर विधायक नीरज नैयर ने जल्द चुगाह-थबोटी-डिल्लाधार सड़क का कार्य आरंभ करवाने का आश्वासन दिया है। बहराहल, ग्रामीणों ने सड़क कार्य आरंभ करवाने को लेकर एक स्वर में आवाज उठाई है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द निरीक्षण कर कार्य आरंभ करने के प्रयास किए जाएंगे।