युवा सेवाएं एवं खेल और लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने खुद इसके लिए मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित खेल इंडिया यूथ गेम्स में शामिल होकर लौटे हैं। उन्होंने वहां हर तरह की खेल सुविधाओं का जायजा लिया।
हिमाचल प्रदेश में खेल के स्तर को सुधारने और खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मध्य प्रदेश के मॉडल का अध्ययन कर इसे लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश में खेल प्रतिभाएं निखरेंगी और यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकेंगे। युवा सेवाएं एवं खेल और लोक निर्माण विभाग के मंत्री खुद इसके लिए मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित खेल इंडिया यूथ गेम्स में शामिल होकर लौटे हैं। उन्होंने वहां हर तरह की खेल सुविधाओं का जायजा लिया। खेल मंत्री के आदेशों पर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक राजीव कुमार ने 7 से 11 फरवरी तक भोपाल में दी जाने वाली खेल सुविधाओं और ढांचागत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
विज्ञापन
खेल निदेशक ने मध्य प्रदेश सरकार की खेल नीति का भी बारीकी से अध्ययन कर यहां खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं की संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर तथ्य जुटाए। वे लौट कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे और प्रदेश की खेल नीति में आवश्यक बदलाव को लेकर अपने सुझाव देंगे। खेल मंत्री के खेलों और खिलाड़ियों के विकास में ली जा रही रुचि से आने वाले दिनों में खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं में सुधार की आस जगी है। खेल निदेशक स्वयं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी (शूटर) हैं। 2022 में उन्होंने चौथी बार 25 मीटर स्टेंडर्ड राइफल में भाग लिया है।
मध्य प्रदेश से बहुत कुछ सीख कर प्रदेश में किया जा सकता है लागू : विक्रमादित्य सिंह
शिमला। खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की खेल नीति और वहां दी जा रही सुविधाओं से बहुत कुछ सीखा जा सकता है और उसे प्रदेश में लागू भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए प्रदेश की प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मध्य प्रदेश की खेल नीति का हम भी अनुसरण कर सकते हैं, जिससे खेलों का स्तर और बेहतर हो।