मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शिमला में प्रेस वार्ता के बाद शुक्रवार को शाहपुर में आयोजित अभिनंदन रैली में मनकोटिया ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ सियासी जंग-ए-एलान कर दिया।
मनकोटिया ने वीरभद्र हटाओ हिमाचल बचाओ का नारा देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को सूबे में सत्ता में वापसी करनी है तो आलाकमान को वीरभद्र सिंह को हटाना ही होगा। मेजर ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हमेशा दबाने की राजनीति की है, लेकिन मैं कमजोर नहीं हूं और किसी के आगे नहीं झुकता हूं। कहा कि चुनाव आने पर वीरभद्र सिंह को मेरी जरूरत पड़ती है।
पिछले विस चुनाव के दौरान वीरभद्र ही उनके घर तियारा आए थे, मैं उनके पास नहीं गया था। अपना मतलब पूरा होने पर सीएम गिरगिट की तरह रंग बदल लेते हैं। मनकोटिया ने कहा कि उन्हें फौज से नहीं निकाला गया अपितु प्रदेश की जनता वीरभद्र सिंह को बाहर का रास्ता दिखाएगी।
मनकोटिया ने कहा कि वह वीरभद्र सिंह व इनके इर्द-गिर्द रहने वाले कुछ मंत्रियों के काले चिट्ठों का जल्द खुलासा करेंगे व इन मंत्रियों को भी जमानत लेनी पड़ेगी। वह शाहपुर के पड़ोसी विस क्षेत्र में भी हजारों करोड़ के घोटाले का जल्द खुलासा करेंगे। गुड़िया गैंगरेप मामले और मंडी में वनरक्षक मामले को लेकर कहा कि वीरभद्र सरकार की वन माफिया और अपराधियों से सांठगांठ है।
इससे पहले शिमला से लौटने पर सनौरा से लेकर शाहपुर तक करीब 16 किलोमीटर क्षेत्र में मनकोटिया का उनके समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। गगल एयरपोर्ट से 200 गाड़ियों व 100 दोपहिया वाहनों के काफिले के साथ उन्हें शाहपुर लाया गया।
बाली से मेरे निजी संबंध खटक रहे
अभिनंदन रैली में मनकोटिया ने सीएम की ओर से उनके और परिवहन मंत्री जीएस बाली के मन एक होने के बयान पर कहा कि बाली से मेरे निजी संबंध वीरभद्र सिंह को खटक रहे हैं। शिमला में बाली से हुई चाय पर चर्चा में कुछ एमएलए भी मौजूद रहना सीएम को रास नहीं आ रहा है। कहा कि वीरभद्र को कांगड़ा के नेताओं की एकजुटता पसंद नहीं है।
संगठन को नहीं मानते वीरभद्र
सीएम की ओर से उनके कांग्रेसी न होने के बयान पर मनकोटिया ने कहा कि वीरभद्र तो पार्टी संगठन को मानते ही नहीं हैं। प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू पर आए दिन गलत बयानबाजी करते हैं। ऐसे में मेरे कांग्रेसी होने पर वे सवाल नहीं उठा सकते।