विजिलेंस की अचानक कार्रवाई से विभाग के कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, अंब स्थित कार्यालय में विजिलेंस टीम को रिकार्ड में फर्जी चालान जैसे कोई तथ्य नहीं मिले हैं। इसके अलावा विजिलेंस ने मैहतपुर स्थित एक साइबर कैफे में 15 फर्जी चालान मिलने के बाद गगरेट व अंब के कई साइबर कैफे में दबिश दी। टीम ने साइबर कैफे के कंप्यूटरों सहित अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। विभाग के उच्चाधिकारियों से भी पूछताछ की है।
शनिवार को विजिलेंस टीम ने एएसपी सागर चंद्र की अगुवाई में रत्न वेब सॉल्यूशन एंड कैफे पर रेड की थी। विजिलेंस ने कैफे से 15 फर्जी चालान व दो कंप्यूटर भी कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस को साइबर कैफे में मिले 15 फर्जी चालान भी कंप्यूटर की मदद से जाली तरीके से बनाए गए थे। टीम ने संबंधित रिकार्ड कब्जे में ले लिया है। विजिलेंस आबकारी एवं कराधान विभाग कार्यालय के रिकार्ड में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स से संबधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के फर्जी चालानों से जुड़े और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
उधर, एएसपी सागर चंद्र ने कहा कि विजिलेंस पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के फर्जी चालानों के मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि टीम ने शनिवार को गगरेट और अंब के साइबर कैफे में दबिश देकर कंप्यूटरों सहित अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। अंब स्थित आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालय के रिकार्ड की भी जांच की गई, जिसमें फर्जी चालान नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग के ऊना कार्यालय के रिकार्ड में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के चालानों की जांच में अभी और चालान फर्जी पाए जा सकते हैं।