आयुर्वेद विभाग के कसुम्पटी स्थित मुख्यालय पर शुक्रवार को विजिलेंस ने छापा मारा। ये कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि यहां दवा फार्मूला मंजूर करने और लाइसेंस के बदले गड़बड़ी हो रही है।
शुक्रवार को ही फार्मूलेशन पर बैठक के लिए कई फार्मेसी संचालकों को भी निदेशालय बुलाया गया था। बैठक जब चल रही थी तो विजिलेंस की टीम एसपी अभिषेक दुल्लर की अगुवाई में निदेशालय पहुंची।
सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस टीम ने विभाग के संयुक्त निदेशक डा. जेएस पठानिया के कार्यालय में आकर उनसे बात की और बैठक के लिए आए फार्मेसी वालों से भी चर्चा की। कुछ दस्तावेज चेक किए गए, जो बैठक के एजेंडे से संबंधित थे।
जो गुप्त सूचना विजिलेंस के पास थी, उसे लेकर संयुक्त निदेशक से पूछताछ भी की। इसके बाद टीम लौट गई। टीम के लौटने के बाद निदेशालय के अन्य अफसरों को इस छापे की जानकारी मिली। इसके बाद हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।
हालांकि कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हुआ। संयुक्त निदेशक डा. पठानिया ने बताया कि विजिलेंस के पास किसी की ओर से कोई शिकायत थी। लेकिन ऐसा कुछ विजिलेंस की टीम को नहीं मिला। पूछताछ के बाद टीम लौट गई।