मामले की जांच के दौरान विजिलेंस के अधिकारियों को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे यह संकेत मिले हैं कि पिछली सरकार ने खास कारणों से उनका प्रमोशन एपीसीसीएफ से पीसीसीएफ पद पर कर दिया। यह तब हुआ जब स्क्रीनिंग कमेटी ने उन्हें अनफिट पाते हुए सिर्फ पीसीसीएफ पद के लिए एसपी वासुदेवा को ही प्रमोशन देने की सिफारिश की थी।
अमर उजाला को मिले प्रमोशन की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की मानें तो तत्कालीन वन मंत्री ने सीधे तौर पर सिंह को पदोन्नत करने के लिए सिफारिश की। यही नहीं, जूनियर वासुदेवा को सुपर स्केल मिलने का हवाला देते हुए सिंह को भी सुपर स्केल देने की दलील दी। विभागीय मंत्री की सिफारिश के चलते चार्जशीट होने और तीन बार नकारात्मक एसीआर होने के बावजूद सरकार ने सिंह को सुपर स्केल व प्रमोशन दे दिया।