उक्त वन खंड में 10500 के करीब खैर के पेड़ काटे गए हैं। जांच टीम उक्त बीट में दो मार्च के बाद से जांच में जुटी हुई थी। सूत्रों के अनुसार कोट वन खंड में भारी मात्रा में अवैध कटान हुआ है।
कई स्थानों से तो वन माफिया पेड़ों की जड़ें भी उखाड़ ले गया है। उधर, डीएसपी विजिलेंस संजीव भाटिया ने कहा कि जांच जारी है। अभी बाहर हूं, रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कह सकता हूं।
विजिलेंस ने सलोआ वन खंड जांच में पाया कि यहां खैर के अवैध रूप से 4743 पेड़ काटे गए। इसकी एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। इसकी कीमत 9.33 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विजिलेंस ने मामले में इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 32,33 आईपीसी की धारा 420,120 बी और प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धारा 13(1)(डी)आर/डब्ल्यू13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।