हमारी सरकार ने ही सत्ता में आने पर पिछली बार गोवंश कल्याण बोर्ड स्थापित किया। शिक्षा विषय पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर चर्चा में विधायक जगत सिंह नेगी भी भाग ले रहे थे।
वे सरकार की कई नीतियों को गलत बताते हुए लगातार तंज कस रहे थे। इसी बीच, उन्होंने शराब की बोतल पर गोवंश के कल्याण को सेस लगाने पर भी तंज कसा तो इस पर सत्ता पक्ष से विरोध के स्वर उठने लगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अचानक खड़े होकर बोले - मुझे मालूम नहीं है कि पिछले कुछ अरसे से ठंडे इलाके के आदमी भी क्यों गर्म होने लगे हैं। हर बात पर आप गाय का विरोध कर रहे हैं।
गाय से बहुत लोगों की धार्मिक आस्थाएं जुड़ी हैं। हमने इसी विषय में कदम उठाया है। आप आजकल परेशान लग रहे हैं। जब आप गाय के बारे में बोलते हैं तो इससे लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खडे़ हो गए और बोले - मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम भी गाय की देखभाल और सेवा करते हैं। हमारी सरकार ने ही गोवंश कल्याण बोर्ड शुरू किया। आपकी गाय की सेवा में जितनी दिलचस्पी है, उतनी ही हमारी भी है।
केवल आप ही गोसेवक नहीं हैं। इस पर, सीएम जयराम ने कहा - इस बारे में विरोध नहीं किया जाना चाहिए। गोवंश बड़ी संख्या में सड़कों पर नजर आता है। इनके लिए गोशालाएं बनानी जरूरी हैं। इसके लिए पर्याप्त बजट चाहिए। हमने इसी का एक रास्ता ढूंढा है।
राज्य से गत 3 वर्ष में 422 से अधिक कैंसर रोगी प्रदेश से बाहर रेफर किए गए। आईजीएमसी से 150 से अधिक और टांडा अस्पताल से 272 रोगियों को प्रदेश से बाहर भेजा गया। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने यह जानकारी विधायक अनिरुद्ध सिंह और आशीष बुटेल के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने जानकारी दी कि आईजीएमसी शिमला को केंद्र सरकार से टरशरी केयर सेंटर की स्थापना के लिए 1487.00 लाख 90:10 की भागीदारी से प्राप्त हुए हैं।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने विधायक राकेश पठानिया के प्रश्न पर लिखित उत्तर में बताया कि बीते 3 साल में प्रदेश भवन एवं कामगार बोर्ड की तरफ से 92,260 की मदद की गई।
इसके तहत 3,23,08,667 महिलाओं को साइकिल, 11,70,06,534 महिलाओं को वाशिंग मशीन, 3,28,35,157 सोलर लालटेन और 5,33,26,640 को इंडक्शन हीटर दिए गए।