बीवरेजेस लिमिटेड कॉरपोरेशन बनाने और इसके बाद सरकार को दो वित्तीय वर्ष तक हुए घाटे पर कई नेता और अफसर विजिलेंस जांच की जद में आ गए हैं। अब तक की जांच में तत्कालीन आबकारी सचिव के अलावा आबकारी आयुक्त, वित्त सचिव, आबकारी एवं कराधान मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब जांच अधिकारी इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच का निष्कर्ष निकालकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीरभद्र सरकार के दौरान सूबे में शराब वितरण पर सरकारी नियंत्रण के लिए बीवरेजेस लिमिटेड कॉरपोरेशन बना। कुछ अधिकारियों ने इसके गठन को लेकर विरोध भी किया लेकिन दूसरे अफसरों ने सरकार के कॉरपोरेशन बनाने के फैसले का समर्थन कर दिया।