हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड के पूर्व एमडी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। ब्यूरो ने पूर्व एमडी के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए उसकी आय के साधनों और अर्जित चल अचल संपत्तियों की पड़ताल शुरू कर दी है। ब्यूरो ने सरकार से अधिकारी के पिछले पांच साल का आयकर का रिकॉर्ड मांगा है। अधिकारी की ओर से हर साल घोषित की गई आय का भी ब्योरा देने को कहा गया है।
अधिकारी से भी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि ब्यूरो प्रारंभिक जांच के बाद दर्ज एफआईआर के तथ्यों से उसके रिकॉर्ड का मिलान कर सके। सूत्रों के अनुसार जांच में अभी तक आरोपित व उसके करीबियों के नाम दर्ज ऐसी संपत्तियों का ब्योरा मिला है, जिसका कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है। इसके अलावा कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम से भी खरीदे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, जांच एजेंसी अभी भी मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्ड मिलने और उसके मिलान के बाद ब्यूरो मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगा।