केंद्र सरकार के योजना आयोग को खत्म करने के फैसले के बाद प्रदेश सरकार के हाथ खड़े हो गए हैं। आयोग से मिलने वाले बजट के अभाव में विकास कार्यों में रुकावट का ठीकरा प्रदेश सरकार केंद्र पर फोड़ रही है।
रविवार को धर्मशाला में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य और बागवानी विभाग की बैठक में अधिकारियों ने जब बजट मुहैया करवाने की बात कही तो सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स का अधिकारियों को एक ही जवाब मिला कि केंद्र में योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया है।
इसलिए प्रदेश को किसी भी हेड से बजट नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी दो-तीन चक्कर दिल्ली के लगा चुके हैं। केंद्र से कैसे बजट लाया जाए, इसका रास्ता नहीं साफ हो पा रहा।
केंद्र में स्थिति साफ होने के बाद ही बजट का अभाव दूर किया जा सकता है, तब तक जैसे-तेसे काम चलाओ। बैठक में आईपीएच विभाग के मुख्य अभियंता अश्विनी गुप्ता एवं अधिशासी अभियंता धर्मशाला दीपक गर्ग, बागवानी विभाग के मेहर सिंह राणा, राजेंद्र शर्मा, राजेश चौधरी, विनोद धीमान, गुलेर चंद, संजय गुप्ता, नीना गुप्ता, संगीता कौशल और गरीब दास आदि मौजूद रहे।