हिमाचल विधानसभा में मंगलवार को बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के वक्तव्य के बीच सीएम वीरभद्र सिंह बोले - चुनाव में हम आमने-सामने होंगे, देखेंगे जनता किसे चाहती है। इससे पहले धूमल ने वीरभद्र की ओर कहा - आपकी कुर्सी पर कई की नजरें हैं।
मंगलवार को वीरभद्र-धूमल कई बार आमने-सामने हुए। हल्की नोकझोंक हुई तो बीच में ठहाके भी लगे। प्रश्नकाल के दौरान सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र से एनएच के लिए एक भी पैसा नहीं आया है। इस पर धूमल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को लंबा अनुभव है।
पहले डीपीआर बनाई जाती है और फिर बिल रेज किए जाते हैं। इस पर वीरभद्र बोले - आप सीएम रहे, मगर पीडब्ल्यूडी मंत्री नहीं रहे। धूमल बोले - सीएम को जब मैं पूछता हूं तो उन्हें तकलीफ होती है। मैं भी पीडब्ल्यूडी में रहा हूं।
धूमल ने सीएम वीरभद्र सिंह की ओर कहा - आपने शेर सुनाया, कैसे कह दूं कि थक गया हूं मैं। न जाने किस-किसका हौसला हूं मैं...पर ये शेर ऐसे सुनाया जाना चाहिए - कैसे कह दें कि थक गए हैं आप। आपकी कुर्सी पर कई की नजरें हैं। धूमल आगे बोले - कई बैठे हैं इंतजार में।
धूमल बोले - हमने ये काम किया होता तो हम उधर होते
इसके जवाब में वीरभद्र बोले - आप इस कुर्सी पर आएंगे, कोई गारंटी है। धूमल ने कहा - कांग्रेस सरकार झूठे वायदे कर रही है। लोग गुब्बारे नहीं जो चंद फूंकों से फूल जाएं। वीरभद्र बोले - आमने-सामने होंगे, देखेंगे जनता किसे चाहती है।
आप चुनाव के बाद नजर नहीं आएंगे। धूमल ने जब कहा कि वह खुश थे कि यह सरकार जंगल-जानवरों से राहत दिलाने के लिए कुछ करेगी, पर कुछ हुआ नहीं। वीरभद्र ने कहा - आपने क्या किया? धूमल बोले - हमने किया होता तो हम उधर होते।
धूमल ने शंख की कथा सुनाई तो वीरभद्र ने कहा - आप गपौड़शंख
धूमल ने सदन के भीतर शंख के सामने अगरबत्ती जलाकर मुंह मांगा देने वाली एक कथा सुनाई तो वीरभद्र उनकी ओर बोले - आप वही गपौड़शंख हैं। इस पर धूमल बोले - हमने सुना था कि चोर की दाढ़ी में तिनका होता है, मगर शेव्ड होने पर यह तिनका कैसा?
इस पर वीरभद्र बोले - सेवन ओक्लॉक से शेविंग होती है। आगे वीरभद्र बोले - थैंक्यू गपौड़शंख! फिर विपक्ष के सदस्यों की ओर बोले - थैंक्यू नारद मुनि! वीरभद्र धूमल की ओर बोले - मैं आपका शुभचिंतक हूं। इन सबसे ज्यादा प्यार करता हूं।
सीएम ने बताया कितने किसानों के ऋण पर ब्याज माफ किया
सीहिमाचल सरकार ने 852 किसानों के ऋणों पर ब्याज को माफ किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भाजपा विधायक रिखी राम कौंडल की ओर से पूछे गए प्रश्न के उतर में बोल रहे थे। रिखी राम कौंडल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में सभी किसानों के ऋणों को माफ करने की बात कही थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
इसी तरह विधायक महेंद्र सिंह ने अनुपूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ऊना में किसानों की तरफ से खरीदे गए ट्रैक्टर पर ऋण माफी करने की बात कही थी, उसका क्या हुआ? इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जवाब दिया कि ऋण पर ब्याज माफ की गई है और कुछ की ब्याज दरें कम हुई है। किसानों की तरफ से लिए गए ऋणों को माफ नहीं किया गया है।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र में ऐसा कोई वायदा किया है। साथ ही ट्रैक्टर को लेकर ऋण माफी को लेकर कोई बयान देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजीकरण फीस को माफ किया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ सहकारी बैंकों की तरफ से करीब 1.71 करोड़ रुपये की ऋण माफी की गई है। उन्होंने कहा कि बैंकों ने बढ़ते एनपीए को नियंत्रित व कम करने के लिए 852 किसानों के ऋणों की ब्याज माफ तथा 11 किसानों की ब्याज दर में कमी की गई है।
बेरोजगारी भत्ते के एलान से विपक्ष चित : बाली
बजट पर चर्चा के दौरान मंगलवार को परिवहन मंत्री जीएस बाली और विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। परिवहन मंत्री ने विपक्ष को बेरोजगारी भत्ते पर राजनीति न करने की सलाह दी। कहा कि सरकार की नीयत और नीति दोनों साफ है। इसलिए सरकार ने बजट में न केवल बेरोजगारी भत्ते की घोषणा की बल्कि इसके लिए 150 करोड़ का प्रावधान भी किया। कहा कि सरकार के इस कदम से विपक्ष चित हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कहा, वह किया है। कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में जमा दो पास और उससे अधिक शैक्षणिक वाले उम्मीदवारों को ही बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया गया है। यही नहीं घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने की अधिकतम आय भी 2 लाख तय कर रखी है। चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार के बेरोजगारी भत्ते की घोषणा से विपक्ष मूर्छित अवस्था में है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार हमें यही बैठाएंगे और भाजपा को भी वहीं बैठाएंगे जहां वह बैठे हैं।
इससे पहले चर्चा में बाली ने अगले तीन माह में हमीरपुर, ऊना और धर्मशाला में बस अड्डों को बस अड्डों को शुरू करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपनी सरकार के वक्त केंद्रीय योजनाओं का नाम बदलकर रखा। इस मुद्दे पर बाली और धूमल पर हलकी तकरार भी हुई और दोनों ने एक-दूसरे पर छोटा दिल होने का आरोप लगाया।
बिना बोले ही बेरोजगारी भत्ते पर श्रेय ले गए बाली
बेरोजगारी भत्ते को लेकर कई बार बयान दे चुके बाली ने मंगलवार को सदन में एक बार फिर कहा कि वह इस मुद्दे पर श्रेय नहीं लेना चाहते। लेकिन अपनी और अपने विभाग की उपलब्धियां बताने के दौरान उन्होंने बेरोजगारी भत्ते का जिक्र कर बिना कुछ बोले ही सारा श्रेय ले लिया।
भविष्य में कर्ज लेने का रास्ता भी बंद किया कांग्रेस ने : धूमल
नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कि अगर कांग्रेस सरकार के इस वित्तीय वर्ष के बजट अनुमानों की बात करें और पिछले वर्षों का भी उल्लेख करें तो इन बजट भाषणों में प्रैक्टीकली कुछ नहीं है। केंद्र बार-बार कह रहा है कि कर्ज की लिमिट हिमाचल क्रॉस कर रहा है। ऐसे में ऋण लेने का अल्टरनेटिव भी खत्म होने वाला है। भविष्य में कर्ज नहीं मिलेगा। बस वर्तमान चले, इसी का ध्यान है। सदन में मंगलवार को धूमल ने कहा कि 31 मार्च 2017 तक 45213.35 करोड़ का कर्ज हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि निदेशक व्यय ने भी कम कर्ज लेने के बारे में चेताया है। सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से पेश बजट अनुमानों पर चर्चा की शुरुआत में मंगलवार को विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कि वर्ष 2013-14 में केंद्र सरकार ने हिमाचल को 2,448 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का अधिकार दिया। इसके बावजूद हिमाचल सरकार ने 4,011 करोड़ रुपये का ऋण लिया। वर्ष 2014-15 में 2,680 करोड़ का अधिकार मिला, जबकि 4,200 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया।
वर्ष 2015-16 में 3,156 का कर्ज की अनुमति दी गई और 3284 का कर्ज लिया गया। वर्ष 2016-17 में 3,540 करोड़ रुपए का कर्ज लेने की मंजूरी मिली और4,075 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसी तरह से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 5000 करोड़ रुपये का ऋण तय सीमा से अधिक लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह से प्रदेश में कई सुरंगें बनाने की बातें भी वैसी ही हैं। धूमल ने कहा कि इस बजट भाषण में न तो कोई सोच है और न कल्पना है। वे इसका विरोध करते हैं।
पांच साल में 12 हजार करोड़ रुपये देने होंगे बेरोजगारों को
बेरोजगारी भत्ते की बजट घोषणा पर धूमल बोले - प्रदेश के 12 लाख बेरोजगारों में से 8 लाख 24 हजार बेरोजगारों को पंजीकृत मान भी लिया जाए और ऐसे में 1000 रुपये बेरोजगारी भत्ता महीने का देना पड़ा तो 12 महीने में 988 करोड़ 80 लाख रुपये देने होंगे। पांच साल में 12 हजार करोड़ रुपये देने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने 19 हजार कार्यशील पदों को भरने की बात की है। अभी पिछली घोषणाओं के पदों को भरने की प्रक्रिया भी चली हुई है। इससे कितने बेरोजगारों को रोजगार मिला।
चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की फौज खड़ी कर दी, उनका काम क्या
धूमल बोले कि हिमाचल में 40 के आसपास निगम-बोर्डों में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की फौज खड़ी कर दी गई है। उनका काम क्या है? पांच-छह लोग तो हमारे खिलाफ बयानबाजी के लिए ही होते हैं।
नेशनल हाइवे पर हल्ला, पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक
केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को दिए गए 61 नेशनल हाइवे की डीपीआर समय पर तैयार न होने के मामले में मंगलवार को विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने नेशनल हाइवे की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। पैसा नहीं दिया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हिमाचल सरकार को पहले डीपीआर तैयार करनी होगी, उसके बाद ही केंद्र सरकार नेशनल हाइवे के लिए पैसा जारी करेगा। इस दौरान भाजपा विधायकों ने नेशनल हाइवे को लेकर कई सवाल उठाए।
भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने कहा कि 6 महीने बीत गए हैं लेकिन अभी तक नेशनल हाइवे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार को इन प्रिंसिपल स्थिति में कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग उन प्रक्रिया से गुजर रहा है। इस दौरान रवि ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से पेश किए गए बजट में एनएच के लिए कंस्लटेंट नियुक्ति के टेंडर के लिए जारी पैसा और प्रश्न के उतर में दी गई राशि के ब्यौरा में अंतर को लेकर आपत्ति जताई। सीएम ने कहा कि जो प्रश्न के उतर में जो 229 करोड़ की राशि दी गई है वह सही है।
उन्होंने कहा कि 61 एनएच की सैद्धांतिक मंजूरी 14 सितंबर, 2016 और इसके बाद 2 मार्च 2017 को 4 सड़कों की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। सीएम ने कहा कि भूतल परिवहन मंत्रालय की ओर से मिले आदेशों और दिशा निर्देशों और टेंडर में अपेक्षा अनुसार भागीदार न होने की वजह से कुछ टेंडर को तीन बार तक भी आमंत्रित करना पड़ा है। ऐसे टेंडरों की संख्या 42 है। उन्होंने कहा कि जो टेंडर खोले गए हैं उनकी संख्या 12 है। इस दौरान विधायक सुरेश कुमार, रणधीर शर्मा, वीरेंद्र कंवर ने भी अपने क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाइवे संबंधित अनुपूरक प्रश्न पूछे।