विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि कश्मीर किसी की जागीर नहीं है। यह गिलानी के पिता का नहीं, हिंदुओं का है। कश्मीर के हिंदू ही तय करेंगे कि वे कहां रहेंगे। तोगड़िया शनिवार को बिलासपुर के घुमारवीं में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हजारों की भीड़ जुटी। तोगड़िया ने सभी को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यह देश हिंदुओं का था, हिंदुओं का है और हिंदुओं का ही रहेगा।
गिलानी जैसे लोग हिंदुओं को गुमराह नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्वर्ण जयंती के पर देश भर में केवल संकल्प सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। यह कोई उत्सव नहीं है। उत्सव तो हम तब मनाएंगे, जब अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बनेगा। कोई चाहे तो मंदिर बनेगा और कोई न चाहे तो भी हम मंदिर बनाकर रहेंगे।
जिहादियों की छाती पर पांव रखकर बसाएंगे कश्मीरियों को
तोगड़िया ने कहा कि जब तक जिहादियों को कुचलकर उनकी छाती पर पांव रखकर कश्मीर घाटी के चार लाख हिंदुओं को पुन: घाटी में नहीं बसा लेते, तब तक उत्सव नहीं मनाएंगे। कश्मीर का हिंदू अपने घर जाएगा। किसी के डर से वह अपना घर नहीं छोडे़गा। तोगड़िया ने चिंता जताई कि हिंदुस्तान में तीन लाख से ज्यादा लोग गौ मास का सेवन कर रहे हैं।
अगर यही स्थिति रही तो अगले कुछ समय में यह संख्या 30 लाख से पार हो जाएगी। इसलिए गौ रक्षा के लिए कदम उठाने की जरूरत है। हमारे पूर्वज शांतिप्रिय थे। सिकंदर के आक्रमण के बाद अपराजित हिंदू, सर्वश्रेष्ठ हिंदू, विजयी हिंदू, अपमानित हिंदू बनकर रह गया है। लेकिन अब पुन: हिंदुओं को संकल्प के माध्यम से पुन: सर्वश्रेष्ठ हिंदू बनाने का समय आ गया है।
तो न पाकिस्तान होता और न मक्का मदीना
तोगड़िया ने कहा कि यदि 2000 साल पहले धर्मांतरण नहीं होता, तो आज न पाकिस्तान होता और न ही मक्का मदीना होता। न ही बेटिकन सिटी होती और न ही हिंदुओं के अलावा कोई और होता। 2000 सालों से हिंदू बंट रहा है। हिंदू नहीं बचेगा तो न कोई मंदिर बचेगा ओर न ही हिंदू धर्म।
550 सम्मेलन कर दिलाएंगे संकल्प- तोगड़िया ने कहा कि अब से हिंदू घटेगा नही बढे़गा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे और लव जिहाद, गौ हत्या, धर्मांतरण को बंद करेंगे। सबके लिए एक कानून बनाएंगे। आज देश में जो सौ करोड़ हिंदू रह रहे हैं, वे ऐसे पूर्वजों की संतानें हैं, जिन्होंने मुगलों की तलवारों के आगे झुककर अपना मजहब नहीं बदला। उन्होंने कहा कि विहिप इस साल 550 सम्मेलनों के माध्यमों से संकल्प दिलाएगी।