हाटेश्वरी-सनेल मार्ग का कार्य।
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हिमाचल राजधानी शिमला से उत्तराखंड को जोड़ने वाले हाटेश्वरी-सनेल मार्ग को डबल लेन करने की कवायद तेज हो गई है। मौजूदा समय में सड़क को डबल लेन बनाने के लिए जमीन की कटिंग का काम चला हुआ है। मार्च 2024 तक हाईवे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस निर्माण कार्य पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा को हटेश्वरी-सनेल तक का 12.7 किलोमीटर लंबा मार्ग आपस में जोड़ता है। बीते साल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुल्लू दौरे के दौरान इसका शिलान्यास किया था। इसके बाद से प्रक्रिया तेज हो गई थी।
कटिंग कार्य को जल्दी पूरा करने के लिए मानक तय कर दिए हैं। इससे पहले प्रशासन और एनएच प्राधिकरण ने निशानदेही समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कर मार्च महीने में निर्माण कार्य का टेंडर कंपनी को सौंपा था। बता दें कि सिंगल लेन सड़क होने के चलते इस मार्ग पर सैकड़ों लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। अब सड़क के डबललेन बनने के बाद स्थानीय लोगों के लिए भी सफर सुरक्षित एवं आरामदायक होगा। वही, दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। इसके अलावा सेब सीजन के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले बड़े वाहनों के लिए यह मार्ग कारगर साबित होगा।
वर्ल्ड बैंक की धनराशि से किया जा रहा है कार्य
विश्व बैंक की ओर से जारी धनराशि से हाटेश्वरी से सनेल तक के मार्ग का डबललेन बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मार्ग की चौड़ाई 10 मीटर होगी। इसमें छह पुल नए बनेंगे। साथ में दो पुराने पुलों की जगह डबल लेन पुल बनाए जाएंगे। पूरे मार्ग को क्रैश बैरियर से सुरक्षित किया जाएगा।
दीपक राज चौहान, अधीक्षण अभियंता, एनएच प्राधिकरण शिमला सर्कल।
सेब सीजन में कारगर साबित होगा हाईवे
एनएच प्राधिकरण ने कंपनी को युद्ध स्तर पर निर्माण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। एनएच 707 (72बी) हाटेश्वरी से सनेल, मींनस, त्यूणी, फीड्स वाया शिलाई से पांवटा तक है। फीड्स के बीच यह मार्ग उत्तराखंड की सीमा होकर वाया शिलाई से राजबन-पांवटा साहिब को जोड़ता है। सेब सीजन में हाईवे कारगर साबित होगा।
स्टील से निर्मित सभी डबल लेन पुल बनेंगे
अब हाटेश्वरी से आगे तंगहाल सड़क का सामना नही करना पड़ेगा। इस मार्ग पर मुंगरा के पास 150 मीटर लंबा पुल बनेगा। इसके साथ में कुडडू, कुडडू बाजार, बालुक्यारी, आंटी बाजार और आंटी मंडी के समीप पुल का निर्माण होगा। सभी डबल लेन पुल स्टील स्ट्रक्चर से निर्मित होंगे।