मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अब सहकारी समितियों का भी वैट अधिनियम में पंजीकरण किया जाएगा। गैर नियंत्रित वस्तुओं के लिए यह पंजीकरण होगा। प्रदेश सरकार इस पर विचार कर रही है। इस पर बुधवार को शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा हुई।
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यापारियों के लिए ‘डीम्ड आकलन प्रणाली’ शुरू की है। ये सुविधा उन व्यापारियों के लिए शुरू की गई है, जिनका व्यापार एक करोड़ रुपये तक है। उन्हें आबकारी एवं कराधान कार्यालयों में नियमित जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके आकलन की समय-सीमा जो पहले 30 नवंबर थी, उसे भी बढ़ाकर 20 मार्च तक किया गया है।
मुख्यमंत्री व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिना किसी रुकावट के सामान की आवाजाही को तय करने के लिए सामान के पूर्ण ऑनलाइन ब्योरे वाले ट्रकों को राज्य में प्रवेश करने पर अब बैरियरों पर रोकने की जरूरत नहीं होगी।
विभिन्न अधिनियमों में अलग-अलग रिटर्न्स को अपलोड करने की कठिनाइयों से निजात पाने को व्यापारियों की सुविधा के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने कॉमन लॉग-इन आईडी शुरू की है। वर्तमान में ढाबा, हलवाई, चाय एवं चाट की दुकान वालों को वैट की अदायगी से छूट प्रदान की गई है। इस वित्तीय वर्ष से छूट की यह सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये की गई है।
47 हजार व्यापारी आएंगे दुर्घटना बीमा में
लगभग 47 हजार ऐसे छोटे व्यापारी है जिनका व्यापार 25 लाख रुपये से कम है और वे सरकार को कर की अदायगी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यापारियों को दो लाख रुपये के समूह दुर्घटना बीमा छत्र के दायरे में लाने का प्रस्ताव किया गया है। आयुक्त आबकारी एवं कराधान पुष्पेंद्र राजपूत ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्य सचिव पी. मित्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी भी इस दौरान मौजूद रहे।
डिजिटल ब्योरा देने पर हार्ड कॉपी की जरूरत नहीं : सीएम
ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टीईआरआई) अथवा नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय की ओर से स्वीकृत सौर चूल्हों को वैट में छूट दी गई है। जिन व्यापारियों ने वार्षिक कर ब्योरा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ प्रस्तुत किया है, उसकी हार्ड कॉपी प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वस्तु क्त्रस्य पर इनपुट टैक्स क्रे डिट को निर्धारित करने के लिए विभागीय समिति गठित की जाएगी, जिससे व्यापारी राशि के दावे के लिए हकदार हो सके।