शिमला। पढ़ाई के साथ-साथ छात्राएं टीकाकरण में भी आगे हैं। एक दूसरे की देखादेखी में टीके का डर छूमंतर हो गया है। वहीं, जब अभिभावक स्कूलों में टीकाकरण के समय उनके साथ रहते हैं तो वे अपने आप को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। हालांकि केंद्रों पर एक या दो 12 से 14 वर्ष की स्कूली छात्राएं ऐसी भी होती हैं, जो टीका लगवाने से मना कर रही हैं। टीका लगवाने वाली महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता लता चंदेल ने बताया कि कई छात्राएं कोई न कोई बहाना बनाकर टीका लगवाने से मना कर देती हैं। इसके विपरीत लड़कों में वैक्सीनेशन को लेकर भय नहीं है।
ऐसे मामले शहर के स्कूलों में रोजाना देखने को मिल रहे है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीकाकरण से एक दिन पहले स्कूलों में जाकर जागरूक भी कर रही हैं। जो विद्यार्थी टीकाकरण के दिन अनुपस्थित रह जाते हैं, उन्हें दूसरे दिन नजदीकी स्कूलों में टीकाकरण करवाने की सुविधा जिला स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध करवा दी है। विभाग का तर्क है कि इससे टीकाकरण का लक्ष्य जल्द पूरा हो जाएगा। उधर, अब तक 12 से 14 आयु वर्ग में 18127 को लगा टीका लग चुका है। जबकि 15 से अधिक आयु वर्ग में 43287, 15 प्लस में दूसरी डोज 32780 छात्र और छात्राओं ने लगवाई है। इसके अतिरिक्त 18 प्लस में पहली डोज 708871 और 18 प्लस में दूसरी डोज 666809 लोगों को जिले में कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
मुस्कान, साक्षी चौहान और नीमा लामो ने बताया कि वे अपने दोस्तों के साथ-साथ आस पड़ोस के बच्चों को भी वैक्सीनेशन को लेकर जागरूक कर रही हैं। कोरोना की चौथी लहर संभावित है। ऐसे में टीकाकरण करवाकर अपने आप को सुरक्षित कर सकते हैं।
आज इन स्कूलों में लगेगी कोरोना वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग की टीम आज दयानंद पब्लिक स्कूल, चैप्सली स्कूल भराड़ी, मोनाल पब्लिक स्कूल संजौली चौक, सेंट मैरी स्कूल चक्कर, नार्थ ओक संजौली, लोअर बाजार के आर्या कन्या स्कूल के अलावा केवी स्कूल में भी 12 से 14 साल के आयु के बच्चों की कोरोना वैक्सीनेशन लगाएगी।