पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा ढहने से अंदर फंसे 41 मजदूरों का संघर्ष बढ़ता जा रहा है। वहीं, परिजनों का अपनों से मिलने का इंतजार और लंबा हो रहा है। टनल में फंसे 41 मजदूरों में शामिल मंडी के बल्ह घाटी के गांव बंगोट निवासी विशाल परिजनों के संपर्क में जरूर है, लेकिन परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
शनिवार सुबह पिता धर्म सिंह से बातचीत करते हुए विशाल ने पूछा कि वह कब तक बाहर निकलेंगे। हालांकि उसने खुद को सुरक्षित बताया है। इस पर पिता ने उनके जल्द बाहर निकलने की जानकारी दी। जिगर के टुकड़े के टनल में 14 दिन से फंसे होने के कारण बल्ह घाटी के बंगोट स्थित विशाल के घर में मां उर्मिला समेत अन्य परेशान हैं।
हालांकि वीडियो और फोटो में विशाल के सुरक्षित दिखने से खुश थे और जल्द सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। मगर खोदाई में आई अड़चन ने परिजनों की परेशानी बढ़ा दी है। विशाल की मां उर्मिला ने कहा कि पहले रोजाना आज कल बाहर निकलने के बारे में बताया गया। अब खोदाई में कुछ अड़चने बताई जा रही हैं।
रूंधे गले में उर्मिला ने कहा कि अब इसमें क्या ही बोल सकते हैं। वहीं, विशाल के मामा परमदेव ने बताया कि विशाल के सुरक्षित होने के फोटो व वीडियो आने के बाद काफी राहत मिली थी, लेकिन अब अड़चनें पैदा होने पर परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि परिजन लगातार विशाल से संपर्क बनाए हुए हैं।
उम्मीद है कि जल्द विशाल व अन्य टनल से सुरक्षित बाहर आएंगे। बता दें कि विशाल के पिता धर्म सिंह, बड़ा भाई योगेश और चाचा परस राम उत्तरकाशी में ही मौजूद हैं। जबकि माता उर्मिला व दादी गरवधनू समेत अन्य परिजन घर से बेटे व अन्य की खैरियत पूछ रहे हैं।