यूरिया न मिलने से किसानों को खाद पर कई गुना ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। यूरिया खाद का एक कट्टा (बोरी) 295 रुपये में मिल जाता है, जबकि 50 किलोग्राम कैल्शियम नाइट्रेट 992 से लेकर 1050 तक पड़ता है।
दस साल से अधिक वर्ष के सेब पौधे को डेढ़ किलो यूरिया देने से काम चल जाता है। इसकी लागत नौ रुपये बैठती है, जबकि कैल्शियम नाइट्रेट को साढ़े चार किलो की मात्रा में डालना पड़ता है, जिसका खर्च 250 रुपये पड़ता है।
एक दिन और इंतजार करें किसान-बागवान
किसान-बागवान परेशान न हों, बस एक दिन का और इंतजार करें। यह बात यूरिया खाद बनाने वाली सरकारी नियंत्रण में काम कर रही कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) के राज्य बिक्री प्रबंधक सुशील कुमार ने कही।
उनका कहना है कि नंगल से हिमाचल के बागवानी क्षेत्रों के लिए यूरिया खाद 400-500 टन भेजा जा रहा है। यह सोमवार तक बागवानी क्षेत्रों के हिमफेड के तमाम स्टोरों तक पहुंचा दिया जाएगा।
उधर हिमफेड में उर्वरक की आपूर्ति देख रहे अधिकारी राजकुमार आहलुवालिया ने कहा कि सोमवार के बाद यूरिया की नई खेप हिमाचल पहुंच जाएगी। 2600 टन की नई खेप का आर्डर दिया जा चुका है।