लॉकडाउन और कोरोना महामारी की वजह से प्रदेश भर से नगर परिषदों की ओर भेजे गए किराया माफी संबंधी प्रस्ताव को विभाग ने खारिज कर दिया है। किराया माफी की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों को इससे झटका लगा है। शहरी विभाग के निदेशक साफ किया है कि किराया माफ करना संभव नहीं है। किस्त और अन्य रियायत मिल सकती है।
लगभग 40 दिन तक दुकानें बंद रहने पर दुकानदारों का किराया माफ करने के लिए प्रस्ताव शहरी विभाग को भेजा था, लेकिन प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। अधिकांश दुकानदार पांच से छह माह का किराया अदा नहीं कर पाए हैं। शहरी विभाग के निदेशक आरके गौतम ने कहा कि किराया माफ करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दुकानदार किस्तों में इसे दे सकते हैं। पिछले बकाया किराये पर सरचार्ज माफ किया जा सकता है, अगर नगर परिषद ऐसा प्रस्ताव भेजे।
दुकानदारों को राहत देनेें के लिए भेजा था प्रस्ताव: अमरजोत सिंह
नगर परिषद ऊना के अध्यक्ष बाबा अमरजोत सिंह बेदी का कहना है कि विभाग के इस फैसले से दुकानदार निराश हैं। नगर परिषद के दुकानदार अमित कुमार, मुकेश कुमार, राहुल सैणी, परीक्षित, हितेश कुमार, प्रवेश कुमार, विनोद शर्मा, नवनीत शर्मा, गुरजिंद्र सिंह, अमित कुमार, प्रदीप कुमार ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि इस फैसले पर एक बार फिर से विचार करे।