अर्बन कोआपरेटिव बैंक शिमला अब कोर बैंकिंग साफ्टवेयर से जुड़ जाएगा। इससे सीधे तौर पर शहर में रह रहे छह हजार खाताधारकों को फायदा होगा। अब तक बैंक पुरानी प्रणाली पर ही चलता आ रहा है। इसके अलावा बैंक ने खाता धारकों से रोजाना पैसा एकत्रित करने वाले मिनी डिपॉजिट कलेक्टर पर भी शिकंजा कस दिया है।
अब उन्हें रोजाना ग्राहक के खाते में पैसा जमा करना होगा। ग्राहक से पैसा लेते समय उसे पहचानपत्र भी पहनना होगा। एक मशीन मिनी डिपॉजिट कलेक्टर को मिलेगी। इसमें ग्राहक से ली गई रकम की तत्काल रसीद मौके पर ही दे दी जाएगी। मशीन के जरिये ही बैंक को साफ्टवेयर के माध्यम से पता चल जाएगा कि मिनी डिपॉजिट कलेक्टर, ग्राहक से रोजाना कितना पैसा ले रहा है तथा उसके खाते में कब जमा हो रहा है।
बैंक प्रबंधन का दावा है कि यह फैसला बैंक और ग्राहक की जमा राशियों में पारदर्शिता लाने के लिए लिया है। वीरवार को शिमला अर्बन कोआपरेटिव बैंक में बोर्ड आफ डायरेक्टर द्वारा अधिकृत सब कमेटी की बैठक में यह फैसले लिए हैं। बैठक में करननंदा निदेशक, मदन लाल जोशी उपाध्यक्ष, बीसी भेतान निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी खेमराज शर्मा मौजूद रहे। बैठक में मिनी डिपॉजिट कलेक्टर भी मौजूद रहे। यहजानकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी खेमराज शर्मा ने दी।