गामिनी सिंगला परिवार संग श्री नयना देवी पहुंचीं।
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के श्री नयना देवी जी में डॉ. आलोक सिंगला और डॉ. नीरज सिंगला के घर साल 1998 में जन्मी गामिनी सिंगला ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में देशभर में तीसरा स्थान हासिल हिमाचल का नाम चमकाया है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में गामिनी ने कहा कि सपना पूरा होने की खुशी है। यूपीएससी के लिए यह उनका दूसरा प्रयास था। परीक्षा की तैयारी के लिए हर रोज नौ से 10 घंटे पढ़ाई की। परीक्षा की तैयारी के लिए पिता का सहयोग मिला। सिंगला ने कहा कि महिलाएं मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं। मैंने भारतीय प्रशासनिक सेवा को चुना है। देश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम करूंगी। गामिनी ने सफलता का श्रेय भी अपने माता-पिता को दिया। युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान लगा दें।
पंजाब से 24 साल पहले यहां आया था परिवार
गामिनी का परिवार मूलत: पंजाब के संगरूर जिले के संनाम गांव से संबंध रखता है। पिछले 24 साल से वो बिलासपुर के श्री नयना देवी जी में ही रह रहे हैं। गामिनी का जन्म भी यहीं हुआ है। उन्होंने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई नंगल के जिंदवाड़ी में माउंट कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। 12वीं कक्षा तक चंडीगढ़ में पढ़ाई की। कंप्यूटर साइंस में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से बीटेक की डिग्री पूरी की। कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक की डिग्री रखने वाली सिंगला ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय रखा था।
परीक्षा पास करते ही आशीर्वाद लेने नयना देवी मंदिर पहुंची गामिनी
यूपीएससी की परीक्षा पास करते ही गामिनी सिंगला परिवार के साथ श्री नयना देवी मंदिर पहुंचीं। गामिनी सिंगला के पिता डॉ. आलोक सिंगला श्री नयना देवी जी के तरसूह पीएचसी में कार्यरत हैं। माता डॉ. नीरज सिंगला भी श्री नयना देवी जी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टोबा में कार्यरत हैं। देश भर में बेटी का तीसरा स्थान आने पर पूरा परिवार झूमते हुए श्री नयना देवी मंदिर पहुंचा। ढोल के साथ परिजनों ने भंगड़ा डाला।