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Shimla News: जिला परिषद बैठक में सेब बागवानों से अवैध वसूली पर हंगामा

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जिप की बैठक में सदस्यों ने प्रति पेटी 30 रुपये की वसूली पर उठाए सवाल, एडीएम ने मौके पर दिए जांच के आदेश
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सदस्य बोले, एपीएमसी की आढ़तियों पर कोई निगरानी नहीं
सदस्यों को दो लाख की निधि देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद शिमला की शुक्रवार को हुई त्रैमासिक बैठक हंगामेदार रही। बैठक में सेब बागवानों से प्रति पेटी 25 से 30 रुपये अवैध वसूली पर खूब हंगामा बरपा। जिला परिषद सदस्यों ने आरोप लगाए कि एपीएमसी की इन आढ़तियों पर कोई निगरानी नहीं है। इस वजह से बागवानों को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है।
एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा ने मौके पर ही इस मामले की जांच के आदेश एसडीएम को दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। सदस्यों ने आरोप लगाया कि सेब बागवान जब फसल बेचने आते हैं तो फल मंडियों में प्रति पेटी अवैध रूप से 30 रुपये की वसूली की जाती है। जिला परिषद भवन चलौंठी के सभागार में शुक्रवार को यह बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी ने की। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई बैठक दोपहर 3:10 बजे तक चली। बैैठक में 75 प्रश्नों और 66 प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
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ठियोग के मदनलाल वर्मा, भुट्टी के सुभाष कैंथला और टिक्कर की भारती जनारथा ने प्रशासन तथा सरकार से मांग की कि हिमाचल में जिस तरह की आपदा आई है, ऐसे में प्रभावितों की तत्काल मदद हो सके इसलिए 22 सदस्यों को दो-दो लाख रुपये की निधि उपलब्ध करवाई जाए। इसका एक प्रस्ताव सरकार को भेजा गया। इसकी मंजूरी जल्द देने की मांग भी उठाई गई। बैठक में जिप सदस्य कौशल मुंगटा ने पेपर लीक मामले में शामिल अधिकारियों को निलंबित करने पर इस प्रश्न को विस अध्यक्ष के समक्ष भेजने की बात कही।


त्रिलोक भलूनी ने ड्रेनेज सिस्टम बंद होने और इससे मकान को हुए नुकसान पर मामला उठाया। विशाल शांकटा ने मनरेगा में 70 फीसदी पैसा सार्वजनिक और 30 फीसदी कार्य आंगन, खेत और घरों की दीवारों को हुए नुकसान पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि काफी पैसा व्यर्थ खर्च हो रहा है। विमला वर्मा ने शिंगला में हिमुडा के तहत बन रहे प्लांट के नीचे रोड और रास्ते के उचित प्रबंध को लेकर और त्रिलोक भलूनी ने प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान को देखते हुए हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजने की अनुशंसा की। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 10 नए प्रस्ताव अनुमोदित किए हैं। इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, एडीएम लॉ एंड आर्डर पंकज शर्मा समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


सड़कों की मरम्मत को प्रति
किमी 75 हजार रुपये मिलेंगे
कार्यकारी सदस्य सचिव एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की भरपाई नियमों के अनुरूप की जा रही है। ग्रामीण सड़कों के लिए प्रति किलोमीटर 75 हजार रुपये और राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये देने का प्रावधान है। उन्होंने सदस्यों से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर प्रस्ताव शीघ्र प्रशासन को भेजने का आग्रह किया।
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वर्ष 2022 के प्रश्न का नहीं हुआ समाधान
नारंकडा और कुमारसैन में प्रदूषण जांच केंद्र नहीं खुले हैं। केंद्र न खुलने से चालकों के चालान हो रहे हैं। जिला परिषद के सदन में यह मामला भी उठा। सदस्यों ने कहा कि वर्ष 2022 से यह सवाल सदन में लग रहा है, लेकिन अब जिप की अंतिम बैठक है और यह हल नहीं हो पाया है। इस बात को लेकर माहौल गरमाया रहा। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा ने इस मामले को सुलझाने को कहा। इसके बाद हिमफेड के अधिकारी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति ने इसके लिए आवेदन नहीं किया है। कोई व्यक्ति मार्थ पोर्टल पर आवेदन करता है तो एक सप्ताह के भीतर इसकी अनुमति मिल जाएगी।
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