हिमाचल प्रदेश विधानसभा का समाप्ति की ओर बढ़ रहा बजट सत्र एक बार फिर गरमा गया है। मंगलवार को आउटसोर्स कर्मियों के अनुबंध खत्म होने को लेकर सदन में खूब नोकझोंक हुई। नाराज भाजपा सदस्यों ने पहले अपनी-अपनी सीट पर, फिर वेल में जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आधा घंटा नारेबाजी करने के बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। इसके बाद वे सदन में नहीं लौटे। विपक्ष के इस रवैये पर सरकार ने भी पूर्व सरकार के समय 40 करोड़ रुपये लेकर आउटसोर्स भर्तियां करने वाली कंपनी पर जांच बैठाने का एलान कर दिया।
भाजपा विधायक नारेबाजी करने लगे और कुछ देर वेल में नीचे बैठे रहे
प्रश्नकाल से पहले नियम 67 के तहत सारा काम रोककर भाजपा ने आउटसोर्स कर्मियों की 31 मार्च, 2023 को सेवाएं समाप्त होने का मामला उठाया और इस पर चर्चा मांगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि सत्र के दौरान इस पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। अध्यक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए विपक्ष के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। तानाशाही, गुंडागर्दी नहीं चलेगी, आउटसोर्स कर्मियों को हटाना बंद करो और कांग्रेस सरकार होश में आओ जैसे नारे लगाए। इसी दौरान अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। पहला सवाल भाजपा विधायक रणधीर शर्मा का था। विधायक ने यह सवाल पूछने की जगह नियम 67 के तहत चर्चा करने का मामला उठाया। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मैं प्रस्ताव नामंजूर कर चुका हूं। विपक्षी सदस्य के नहीं मानने पर अध्यक्ष ने अगला सवाल लेते हुए कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया का नाम लिया। इसके बाद विपक्ष के शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल चला। विरोध जताते हुए भाजपा विधायक नारेबाजी करने लगे और कुछ देर वेल में नीचे बैठे रहे। 11:30 बजे तक नारेबाजी के बाद वाकआउट कर दिया।
आउटसोर्स कर्मियों को लेकर सरकार नीतिगत फैसला लेगी: मुकेश
इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 100 दिन पहले भाजपा को जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया है। हार का मंथन करने की जगह अब सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने पांच साल मुख्यमंत्री रहते हुए आउटसोर्स कर्मियों के बारे में कुछ नहीं सोचा। अब विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था का भी सम्मान नहीं कर रहे। मुकेश ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को लेकर सरकार नीतिगत फैसला लेगी। कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। कांग्रेस सरकार ने किसी भी आउटसोर्स कर्मी को नौकरी से नहीं निकाला है। 31 मार्च को अनुबंध समाप्त होने पर ऐसा हो सकता है। हमने 5,000 भर्तियां करने का फैसला लिया है। भाजपा सरकार ने एक कंपनी क्लीनवेज को आउटसोर्स भर्तियों का काम दिया था। करीब 40 करोड़ की राशि इसके लिए दी। इस कंपनी ने पांच साल तक हिमाचल में तांडव मचाया। कुछ आउटसोर्स कर्मियों का पीएफ काटा और किसी का नहीं। इस कंपनी ने गलत तरीके से रोजगार दिए। सरकार इसकी जांच करेगी।
अध्यक्ष की ओर पीठ करने पर नेता विपक्ष को चेतावनी
कार्यवाही के दौरान जब भाजपा विधायक नारेबाजी करते वेल में आकर जमीन पर बैठे तो नेता विपक्ष जयराम ठाकुर वेल में रखी एक कुर्सी पर बैठ गए। इस दौरान नेता विपक्ष की पीठ विधानसभा अध्यक्ष के आसन की ओर थी। भाजपा के वाकआउट करने पर अध्यक्ष ने कहा कि नेता विपक्ष ने सदन के नियमों का उल्लंघन किया है। नियम 299 और उपनियम 12 किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं देता है कि वह आसन को पीठ दिखाए। अध्यक्ष ने इसकी निंदा करते हुए नेता विपक्ष को भविष्य में ऐसा आचरण न करने की चेतावनी दी।
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