नगर परिषद मनाली की स्वच्छता जागरूकता के तहत कूड़ा खुले में फेंकने वालों को हार पहनाने और ढोल बजाने की मुहिम पर हंगामा हो गया। सियाल गांव के ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मनाली में रैली निकाली और नगर परिषद कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान नगर परिषद का कार्यालय खाली हो गया। दोनों पक्षों ने पुलिस में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत की। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दरअसल, मंगलवार को नगर परिषद मनाली ने खुले में कूड़ा फेंकने पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की मौजूदगी में ढोल की थाप के साथ हार पहनाए गए। इस प्रकार बेइज्जत किए जाने को लेकर सियाल गांव से काफी अधिक संख्या में लोगों ने मनाली शहर में रैली निकालते हुए नगर परिषद मनाली के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए गहरा रोष प्रकट किया।
दरअसल, मंगलवार को नगर परिषद मनाली ने खुले में कूड़ा फेंकने पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की मौजूदगी में ढोल की थाप के साथ हार पहनाए गए। इस प्रकार बेइज्जत किए जाने को लेकर सियाल गांव से काफी संख्या में लोगों ने मनाली शहर में रैली निकालते हुए नगर परिषद मनाली के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए रोष प्रकट किया। सियाल गांव के महिला मंडल और युवक मंडल द्वारा नगर परिषद मनाली कार्यालय का घेराव किया। जिस के चलते नगर परिषद कर्मियों व अधिकारियों को कार्यालय छोड़ इधर-उधर होना पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने फिर पुलिस थाना मनाली का रुख किया। ग्रामीणों का यह कहना था कि नगर परिषद मनाली की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचती हैं।
जहां पर वे कूड़ा फेंकते हैं वहां पर नगर परिषद ने भी पहले कूड़ा फेंकने के लिए कूड़ादान लगाया गया था। एक तो नगर परिषद ने शहर में कहीं भी कूड़ेदान का प्रबंध नहीं किया है और रही घर-घर कूड़ा उठे की मुहिम तो वो पूरी तरह से फेल है। क्योंकि नगर परिषद मनाली की गाड़ियां समय पर घर से कूड़ा उठाने नहीं आतीं। कई बार तो दो तीन दिनों बाद भी गाड़ी नहीं पहुंचती। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया ने कहा कि नगर परिषद मनाली को स्वच्छ रखने की मुहिम के अंतर्गत ऐसा किया गया है। खुले में कूड़ा फेंकने वालों को हार पहनना एक सांकेतिक था और जनता को जागरूक करना था। गांव के लिए कूड़ा उठाने की व्यवस्था टीडीसी के तहत की गई है, फिर भी ग्रामीण वहां पर कूड़ा फेंकते हैं। नगर परिषद के अंतर्गत यह एक हॉट स्पॉट बन चुका था जिसे अब खत्म करना है। इसी के तहत नगर परिषद की ओर से ऐसी कार्रवाई की गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक केडी शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दी गई थी लेकिन बाद में दोनों की पक्षों में समझौता हो गया । एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने बताया कि सियाल के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर उनके पास आए थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बात सुनने के बाद वह स्वयं मौके पर गए। उक्त स्थानों पर सूखा व गीला कूड़ा डालने के लिए अलग -अलग कूड़ादान लगाने के आदेश दिए गए हैं।