अमल न करने पर एमसी चलाएगा हथौड़ा
कल शाम तक भवन मालिकों को तोड़ने होंगे भवन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कच्चीघाटी वार्ड के घोड़ाचौकी इलाके में असुरक्षित घोषित किए गए भवनों पर फिलहाल हथौड़ा नहीं चल पाया है। भवन मालिकों ने नगर निगम प्रशासन के आदेशों पर आपत्ति जताते हुए इसे तोड़ने से इनकार कर दिया है।
भवन मालिकों को आठ अक्तूबर तक अपने भवन तोड़ने के आदेश जारी किए हैं। यदि शुक्रवार शाम तक भवन मालिक ऐसा नहीं करते हैं तो नगर निगम खुद लोनिवि से यह भवन तुड़वा देगा। फिर इसे तोड़ने का खर्च भी इन भवनमालिकों से लिया जाएगा। इस बारे में मंगलवार को सभी भवनमालिकों को आदेश जारी हो चुके हैं। यह आदेश मिलने के बाद बुधवार को भी भवन मालिकों ने इसे तोड़ने का काम शुरू नहीं किया है। कई भवन मालिक इस मामले में कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन बुधवार शाम तक किसी ने इस बारे में याचिका दायर नहीं की है। ऐसे में इनके पास आखिरी दो दिन बचे हैं।
अनसेफ हुए भवनों को खाली तो करवा दिया है लेकिन आसपास के भवनों में रहने वाले बाकी लोग इन्हें तोड़ने की मांग कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि यह भवन कभी भी ढह सकते हैं जिससे उनके मकानों को खतरा पैदा हो सकता है। दूसरी ओर अनसेफ भवनों के मालिक कह रहे हैं कि नगर निगम ने भवनों का निरीक्षण किए बिना ही इसे तोड़ने के आदेश दिए हैं।
यह निगम की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। कच्चीघाटी में तीन भवन ढह चुके हैं। पांच भवनों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। इनमें से चार को तोड़ने के आदेश जारी किए हैं जबकि एक को खाली करवाया है। नगर निगम इस मामले में चल रही कार्रवाई पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। एमसी आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि भवन मालिकों को खुद भवन तोड़ने को कहा है। तीन दिन में यदि ऐसा नहीं किया तो निगम खुद इन्हें तुड़वा देगा।