हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यकी विभाग में पांच साल में किए गए शोध कार्यों से संतुष्ट यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने विभाग को स्पेशल एसिस्टेंस प्रोग्राम के तहत दूसरी एक करोड़ सात लाख की राशि जारी कर दी है।
2009 से 2014 के बीच विभाग में किए गए शोध कार्यों के आधार पर ही यह दूसरी किस्त है। दूसरे चरण में काम से संतुष्ट होने पर यूजीसी विभाग को एक्सीलेंस विभाग का दर्जा देगा। इसके बाद विभाग के शोध कार्यों को हर साल राशि जारी होती रहेगी।
इस राशि से विभाग में उपकरणों की खरीद, कंप्यूटर और शोध में उपयोग होने वाले सामान को मुहैया कराया जाएगा। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी और विभागाध्यक्ष प्रो. वीना शर्मा ने कहा कि यह विभाग और विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।
2009 में इस प्रोग्राम के तहत 41 लाख मिले थे, जिसमें अब दोगुना से अधिक कर दिया गया है। प्रो. वाजपेयी ने इस प्रोजेक्ट के संयोजक प्रो. आरपी शर्मा ओर विभागाध्यक्ष प्रो. वीना शर्मा को को इस प्रोजेक्ट के लिए उप संयोजक नियुक्त किया है।
उन्होंने गणित विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. आरजी शांडिल और वर्तमान में अधिष्ठाता भौतिक विज्ञान प्रो. मदन गोपाल गोरला को भी बधाई दी है। उन्होंने इस राशि को जारी करवाने में सहयोग करने पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एचपी दीक्षित का भी आभार जताया।