उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार ने यदि कैंपा की रकम समय पर जमा करवाई होती तो आज सीयू का भवन निर्माण पूरा हो चुका होता। सीयू के लिए सांसद अनुराग ठाकुर ने मुझसे कई बार बात की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए फोरेस्ट क्लीयरेंस उस समय दे दी थी, जब वह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री थे।
हिमाचल विवि के इक्डोल को दोबारा मान्यता दी गई है, ताकि कॉलेज आकर पढ़ाई नहीं करने वाले विद्यार्थी भी अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें। मोदी सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता वाली शिक्षा पर जोर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी बढ़े हैं।
इस अवसर पर कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, उद्योग मंत्री ब्रिकम सिंह, भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला, केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरमिंद्र सिंह बेदी, सीयू के वीसी कुलदीप अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सीयू के दो परिसर धर्मशाला और देहरा में बनेंगे।
इनका निर्माण तीन साल में पूरा होगा और इसके लिए 1300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीएम ने कहा कि सरकार ने राज्य में कार्यभार संभालते ही वन स्वीकृति के लिए कैंपा अधिनियम के तहत 6 करोड़ जमा करवाए, ताकि वन भूमि को गैर वन उद्देश्यों के लिए बदलकर शीघ्र सीयू परिसरों का निर्माण करवाया जाए।
परिसर का करीब 1 हजार हेक्टेयर तक विस्तार होगा जो क्षेत्र का बहुत बड़ा विश्वविद्यालय होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम एक माह में बिना किसी बजट प्रावधान के चुनावी फायदे के दृष्टिगत 21 कॉलेज खोलने की घोषणा कर दी।