गौर हो कि बुधवार सुबह सेना के छह और आईटीबीपी के 10 जवान नमज्ञा में पेट्रोलिंग पर निकले थे। डोगरी नाले में पहाड़ से हिमखंड गिरने से सेना के छह जवान बर्फ में दब गए। हिमखंड की चपेट में आए बिलासपुर के एक जवान राकेश कुमार की मौत हो गई, जबकि पांच अभी तक लापता हैं।
राकेश कुमार का शव अभी पूह कैंप में रखा है। मौसम साफ हुआ तो शुक्रवार को शव पैतृक गांव शाहतलाई पहुंचाया जा सकता है। इस हिमखंड की चपेट में आने से आईटीबीपी के 5 जवान भी घायल हुए थे।
बुधवार देर रात से ही यहां बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वीरवार को डोगरी में 40 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ बारी हुई है। भारतीय सेना, आईटीबीपी की 17वीं वाहिनी के जवानों के अलावा जिला पुलिस, क्यूआरटी टीम, डीएसपी
धनसुख दत्ता और थाना प्रभारी पूह बलवंत सिंह की अगुवाई में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। पूह और आकपा से गए बीआरओ के 20 जवान और तीन जेसीबी मशीनें भी एनएच के साथ खाब-शिपकिला मार्ग को बहाल करने में जुटी हैं।
घटनास्थल पर डटे एडीएम पूह शिव मोहन सैनी और एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा ने बताया कि पहले हिमखंड और फिर भारी हिमपात और बर्फीली हवाओं के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। मौसम ठीक होते ही सर्च ऑपरेशन का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करेंगे।
तीन बार हुआ रेस्क्यू आपरेशन : नंदा
शिमला। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मनीषा नंदा ने कहा है कि बर्फ में दबे सेना के जवानों को निकालने के लिए वीरवार को तीन बार रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन अभी जवानों का पता नहीं चल पाया है। लगातार हो रही बर्फबारी और तेज हवा के चलते कार्य में बाधाएं आ रही हैं। एडीएम को मौके पर भेजा गया है। सैन्य अधिकारियों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।