फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra: गिरिराज सिंह बोले- भारत कपड़ा क्षेत्र में विदेशी निवेश को करेगा प्रोत्साहि

Sat, 24 May 2025 08:41 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कांगड़ा

सार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में तकनीकी वस्त्र की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि इसका उपयोग सभी क्षेत्रों में किया जाता है। 
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कांगड़ा दाैरे पर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 भारत टेक्सटाइल का विशाल मंच है, जो भारत को कपड़ा क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा। साथ ही भारत को 4 एस यानी स्टाइल, स्केल, स्किल और सस्टेनेबिलिटी हासिल करने में भी मदद करेगा। यह बात राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) कांगड़ा में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास, संकाय आवास और संकाय केबिन के उद्घाटन अवसर पर कही।

विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में तकनीकी वस्त्र की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि इसका उपयोग सभी क्षेत्रों में किया जाता है। 2030 तक 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ कारीगर हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और मंत्रालय इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहल कर रहा है। देशभर के निफ्ट युवाओं को कौशल विकास तथा दक्षता प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने छात्रों के फैशन क्षेत्र की व्यापकता और चुनौतियों को लेकर संवाद भी किया।

हिमाचल प्रदेश के छात्रों को भी फैशन के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. राहुल चंद्रा ने धन्यवाद भाषण दिया किया। इस अवसर पर सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन परमार, विधायक पवन काजल, महानिदेशक तनु कश्यप सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन


पाकिस्तान की भाषा में ही बात करते हैं राहुल
राहुल गांधी की जुबान से जाे शब्द निकलते हैं, वह देशभक्ति के नहीं निकलते। वह जब भी बात करते हैं तो पाकिस्तान की भाषा में ही बात करते हैं। यह देश के लिए बहुत दुखद है। संसद में विपक्ष के नेता काे अपने विदेश मंत्रियाें पर भराेसा नहीं है, वह चीनी दूतावास जाते हैं। उन्हें अपने देश पर गर्व नहीं है, पता नहीं क्या कारण है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें