केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि देश भर के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 15 हजार सीटें बढ़ेंगी। केंद्र सरकार ने ये फैसला भारत में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी को मद्देनजर रखते हुए लिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एमसीआई से बातचीत हो चुकी है।
सोमवार को शिमला के प्रेस क्लब में ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटें ज्यादा से ज्यादा कैसे ज्यादा बढ़ाएं? राज्य सरकार इस पर ध्यान दे रही है। नड्डा बोले - हम हमेशा डाक्टरों की कमी की बात करते हैं, मगर डाक्टरों की कमी को पूरा करने की समस्या हमेशा से रही है।
हमारा देश लोकतांत्रिक देश है। हमारे लोग सेवाएं देने के लिए देश से बाहर भी जाते हैं। बाहर जाने के लिए हम रोकते भी नहीं हैं। हमारे देश में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए हमें सोचना पडे़गा। हम एमसीआई के साथ इस बारे में लगातार संवाद बढ़ा रहे हैं। टॉप रेशो बढ़ा रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएट सीटें बढ़ाई जा रही हैं।
हम 15 हजार सीटें पीजी की बढ़ा रहे हैं तो ये समझा जा सकता है कि मेडिकल एजुकेशन की टीचिंग की सीटें भी बढ़ेंगी। 1000 जनसंख्या पर एक डॉक्टर की बात हो रही है। सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। नड्डा ने किसानों-बागवानों के हित की बात करते हुए भी कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से भी शत-प्रतिशत किसानों को जोड़ा जा रहा है।
सरकार की लेटलतीफी से लटकी केंद्र की योजनाएं: नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि हिमाचल सरकार की लेटलतीफी से प्रदेश में केंद्र की योजनाओं को लागू करने में देरी हो रही है। न एनएच और न स्वास्थ्य संस्थानों की डीपीआर बनाई गई है। कई योजनाओं के लिए जमीन तय नहीं है। वे गरीबों के लिए सब डिविजन स्तर तक डायलिसिज सेंटर खोलने को तैयार हैं, मगर सरकार प्रस्ताव तो दे। नड्डा प्रेस क्लब शिमला में ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कहा कि केंद्र ने हिमाचल को एम्स के साथ और भी बहुत कुछ दिया। आईजीएमसी में सुपर स्पेशिलिटी यूनिट का शिलान्यास करना चाहते थे, पर जमीन का चयन नहीं हुआ। कैंसर सेंटर की डीपीआर नहीं बनी। मंडी कैंसर यूनिट की डीपीआर भेजने को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह से बात की। हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज को जमीन का मामला फंसा है। चंबा मेडिकल कॉलेज का ब्लॉक बनना बाकी है। शिमला में ट्रॉमा यूनिट को जगह तय नहीं है।
61 एनएच की सरकार को डीपीआर देनी हैं। कहा कि केंद्र सरकार एनएच को अधिसूचित करती है। इसके बाद राज्य सरकार डीपीआर बनाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को यहां ठीक से लागू नहीं किया गया। कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी का हिमाचल से विशेष संबंध हैं। केंद्र में जब-जब भाजपा की सरकार आई। हिमाचल को विशेष मदद मिली। यहां से कोई मांग नहीं थी। सह मांग केवल शांता और धूमल ने ही की थी।
इस्तीफा दें वीरभद्र सिंह
सीएम पर चल रही जांचों पर नड्डा ने कहा कि उनको कानूनी मामलों को कानूनी तरीके से रखना चाहिए। मैंने पहले भी कहा कि उनको समय रहते ही इस्तीफा देना चाहिए। जो लोग सार्वजनिक जीवन में रहते हैं, उनको ये सब देखना चाहिए। जिस तरह स्वतंत्र एजेंसियों से जांच चल रही है, उसमें हम अपना मत न दें। गाड़ी पटरी से उसके बाद उतरती ही है। यही हाल हिमाचल में सरकारी कामकाज का है।
मैं केंद्र में व्यस्त, धूमल के नेतृत्व पर फैसला करेगी पार्टी
नड्डा बोले- केंद्र में उन्हें जो जिम्मेवारी दी है, वे उसमें व्यस्त हैं। क्या धूमल के नेतृत्व में चुनाव लडे़ जाएंगे, इस पर कहा कि यह पार्टी तय करेगी। जब-जब भाजपा हिमाचल में आई। सरकार की विशेष परफॉर्मेंस रही। शांता कुमार पानी वाले मुख्यमंत्री रहे और धूमल सड़कों वाले।
1998 में मीडिया के फीडबैक से सरकार बनाने में मदद
हिमाचल में 1998 में भाजपा राजनीतिक संकट में भी मीडिया ने फीडबैक बहुत दिया। तब मीडिया के माध्यम से काफी फीडबैक मिला। तब हमारे प्रभारी नरेंद्र मोदी ही होते थे। उन्हें सही सूचनाएं मिलीं।
सेब आयात शुल्क पर अन्य विकल्प पर सोच रहे
नड्डा बोले - पीएम नरेंद्र मोदी सेब आयात शुल्क पर चुप नहीं हैं। हम प्रोएक्टिव हैं। हम जो अधिकतम कर सकते हैं, पैरामीटर के तहत किया है। हम अन्य विकल्प पर सोच रहे हैं।
नड्डा की अगुवाई में भाजपाइयों ने लगाई एकता दौड़
देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई में भाजपाइयों ने शिमला में एकता दौड़ लगाई। अंबेडकर चौक से होटल पीटरहॉफ तक एकता दौड़ को नड्डा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ भी दिलाई।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने के बाद सबसे पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस घोषित कर राष्ट्रीय एकता के स्वप्न का पहला चरण रखा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश के गठन और देश का नक्शा निर्माण करने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने पटेल को राष्ट्रीय निर्माता की उपाधि देते हुए कहा कि वो राजनीतिज्ञ नहीं देशभक्त थे। मोदी सरकार ने यह प्रयास किया है कि भारत के इतिहास को जनता के बीच सही रूप में रखा जाए। बताया कि वल्लभ भाई पटेल किसान परिवार से थे और पेशे से वकील थे। उन्होंने चंपारन सत्याग्रह में अहम भूमिका निभाई। किसानों के लिए दो बड़े आंदोलन अंग्रेजों के खिलाफ छेड़े।
सरदार वल्लभ भाई पटेल के पथ पर चलने का किया आह्वान
अंग्रेजों को भारत की भूमि पर गुजरात में पहली बार हिंदुस्तानी ताकतों के आगे सिर झुकाना पड़ा। कहा कि सभी राज्यों जिनकी संख्या 565 थी, उन सबको एक करना काबिले तारीफ है। यह काम वल्लभ भाई पटेल ने कर के दिखाया। कई राजाओं ने अपनी यूनियन बनाकर उन पर दबाव डाला लेकिन उन्होंने उनको भी मनाकर हिंदुस्तान का गठन किया।
विधायक सुरेश भारद्वाज ने लौह पुरुष वल्लभ भाई पटेल को स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्र निर्माता कहा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री का पेंशनरों के लिए अलग डिस्पेंसरी और मल्याणा में सुपर स्पेशएलिटी अस्पताल और आईजीएमसी को मजबूती देने के लिए आभार जताया।
समारोह में सांसद वीरेंद्र कश्यप, विधायक डॉ. राजीव बिंदल, जयराम ठाकुर, गोविंद राम शर्मा, नरेंद्र बरागटा, रामलाल मारकंडेय, गणेश दत्त, रूपा शर्मा, त्रिलोक जम्वाल, महेंद्र धर्माणी, कपिल सूद, संजय सूद, प्रमोद ठाकुर, रणदीप कंवर, प्रदीप कश्यप, अमर ठाकुर और करण नंदा आदि मौजूद रहे।
प्रेस क्लब शिमला को 11 लाख रुपये देने की घोषणा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रेस क्लब शिमला के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके लिए प्रेस क्लब शिमला के अध्यक्ष धनंजय शर्मा, महासचिव अनिल भारद्वाज हैडली, उपाध्यक्ष जगदीश वर्मा, कोषाध्यक्ष पंकज राक्टा और अन्य पदाधिकारियों ने उनका धन्यवाद किया।
प्रेस क्लब शिमला में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप, पूर्व मंत्री जय राम ठाकुर, नरेंद्र बरागटा, राजीव बिंदल, स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज, अर्की के विधायक गोविंदराम शर्मा के अलावा गणेश भारद्वाज, संदीपनी भारद्वाज और अन्य नेता भी मौजूद रहे।