नड्डा ने कहा कि तीस वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की रूटीन में जांच करवानी चाहिए। शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न रोगों का प्रथम दौर में पता लगने पर उसका उपचार संभव हो जाता है।
इन केंद्रों में शुगर, उच्च रक्तचाप, कैंसर, किडनी इत्यादि के टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में हिमाचल स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी कार्य करना बाकी है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से 30 अप्रैल को आयुष्मान दिवस आयोजित कर देश के दस करोड़ परिवारों के 50 करोड़ व्यक्तियों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद वीरेंद्र कश्यप, विधायक सुरेश कश्यप, सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर भी उपस्थित रहे।