बताया जा रहा है कि अजय के छोटे भाई का तीन महीने पहले देहांत हो गया था। वह अस्वस्थ चल रहा था। इसके बाद पूरी जिम्मेदारी अजय कुमार कौंडल पर ही पड़ थी। लेकिन, कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
अजय के देश के नाम कुर्बान होने से बुजुर्ग माता-पिता पूरी तरह से असहाय हो गए हैं। इस घटना की सूचना के बाद से कोटला पंजोला में मातम का माहौल है। पंचायत प्रधान राजकुमार ने बताया कि अजय कुमार कौंडल के शहीद होने की सूचना श्रीनगर से सीआरपीएफ के अधिकारी ने उन्हें दूरभाष पर इसकी सूचना दी थी।
अधिकारी ने बताया कि अजय कुमार कौंडल 6 बजे श्रीनगर के पास ड्यूटी पर तैनात थे। उसी समय आतंकियों ने हमला कर दिया। आतंकियों से मुठभेड़ में अजय को गोली लग गई। उन्होंने बताया कि
पंचायत प्रधान राजकुमार ने बताया कि अजय कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार 4 बजे तक थुरंग गांव पहुंचेगा।
इसके बाद सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार होगा।अंत्येष्ठि की जाएगी। उधर, इस संदर्भ में पुष्टि के लिए प्रशासनिक अधिकारी को संपर्क किए गए, किंतु फोन रिसीव नहीं हुए।