प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में खुले चार एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को जल्द नए शिक्षक मिलेंगे। बुधवार को केंद्रीय बजट में देश भर में खुले एकलव्य स्कूलों में 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के पद भरने का एलान किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में खुले चार एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को जल्द नए शिक्षक मिलेंगे। बुधवार को केंद्रीय बजट में देश भर में खुले एकलव्य स्कूलों में 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के पद भरने का एलान किया गया है। प्रदेश के पांगी, भरमौर, निचार और लाहौल में एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोले गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री की घोषणा से अब प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को इन स्कूलों में शिक्षक बनने की आस जगी है।
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एकलव्य स्कूल की क्षमता 480 विद्यार्थियों की होती है। छठी से लेकर आठवीं तक छात्र यहां पढ़ाई कर सकते हैं। 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 20 प्रतिशत जनजाति की आबादी वाले क्षेत्रों में एकलव्य स्कूल खोले जाते हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स, लोकल आर्ट और कल्चर को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियां करवाई जाती हैं। ये स्कूल राज्य सरकारों के तहत आते हैं। इनकी स्थापना के लिए केंद्र सरकार से बजट मिलता है।