चालू वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश के लिए बड़ा कदम उठाते हुए इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया। इसके अलावा प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में भी बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं तैयार की गईं। उम्मीद है कि बजट सत्र में उद्योगों को मदद करने के उद्देश्य से भी बड़ी घोषणा हो सकती है। ऐसा हुआ तो प्रदेश में निवेश को इससे बढ़ावा मिलेगा।
इन क्षेत्रों में आम बजट से है उम्मीद
- वैकल्पिक परिवहन के रूप में रज्जू मार्ग के निर्माण को पहाड़ी राज्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल किया जाए।
- 58 एनएच के निर्माण के लिए 1400 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय का प्रावधान करना।
-35 किलोमीटर पिंजौर-बद्दी-नालागढ़, 223 किलोमीटर शिमला-मटौर और 197 किलोमीटर लंबे पठानकोट मंडी एनएच को फोरलेन बनाने के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशुद्ध कोष सृजित करना।
- एनएच के सामान्य मरम्मत कार्यों तथा बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए वार्षिक परिव्यय को बढ़ाकर 100 करोड़ किया जाए।
- भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़ बद्दी रेल लाइन के निर्माण के लिए वन टाइम वित्तीय मदद।
- प्रदेश के मौजूदा तीन हवाई अड्डों के विस्तार के लिए वित्तीय प्रावधान।
- ऊना हमीरपुर ब्रॉडगेज रेललाइन और भविष्य में बनने वाली अन्य रेल लाइनों को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने एवं कार्यान्वयन करना।
- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में स्थानीय किसानों विशेषकर सेब उत्पादकों के हितों को सुरक्षित किया जाए।
-ई.नाम के तहत खरीद, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और बाजार लिंकेज के प्रावधान वाली तीन एकीकृत विपणन स्थानों के लिए वित्तीय सहायता