बजट में संभावित प्रावधानों से हिमाचल के कई अन्य रेल प्रोजेक्टों को भी गति मिल सकती है। हिमाचल में चंडीगढ़ से बद्दी रेल लाइन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अधर में अटकी है। यह हिमाचल के अलावा हरियाणा में भी बनेगी।
सामरिक महत्व की प्रस्तावित बिलासपुर-लेह रेल लाइन की बेस लाइन भानुपल्ली-बिलासपुर का भी केवल 20 किलोमीटर का ही भू-अधिग्रहण हो पाया है। 63 किमी के इस ट्रैक पर भी भू-अधिग्रहण के लिए हिमाचल केंद्र से बजट की मांग करता रहा है।
25:75 के राज्य और केंद्र सरकार के लागत अनुपात से बनने वाली इस रेल लाइन का भू-अधिग्रहण का ज्यादातर खर्च हिमाचल को ही उठाना है। हालांकि, नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन का 100 प्रतिशत खर्च रेलवे उठा रहा है। इसका निर्माण अंतिम चरण में है। इनके अलावा हिमाचल में किसी नई रेल लाइन की भी मंजूरी मिल सकती है।