निगम ने कर्मचारियों के लिए खाकी और ग्रे रंग की वर्दी निर्धारित की हुई है। प्रबंधन का कहना है कि एचआरटीसी की बसें हिमाचल प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों में भी संचालित होती हैं और इनमें स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी सफर करते हैं। ऐसे में चालक-परिचालकों की ओर से रंगीन पटका या कपड़ा पहनने से निगम और सरकारी कर्मचारियों की छवि पर विपरीत असर पड़ता है और जनता के बीच अनुशासनहीनता का संदेश जाता है। निगम ने सभी चालक-परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे ड्यूटी के समय केवल निर्धारित वर्दी में ही रहें। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।